जागरण संवाददाता, सासाराम : रोहतास। लगभग 13 करोड़ की लागत से बने डायट भवन के निर्माण में की बरती गई बड़े पैमाने पर अनियमितता मामले में चार इंजीनियर बर्खास्त कर दिए गए है जबकि तीन के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की अनु्शंसा की गई है। इन अभियंताओं की बर्खास्तगी भी लगभग तय मानी जा रही है। वहीं सत्येंद्र कुमार कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और सुपरविजन कंसलटेंट एजेंसी रौनक कंस्ट्रक्शन एंड कंसलटेंसी को दस वर्षों के लिए ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया है। 

साथ ही दोनों कंपनियों की अग्रधन राशि जब्त कर ली गई हैं।अभियंता को बर्खास्त करने की कार्रवाई बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक असंगबा चुबा आओ ने की है। जिसने अपने ही विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता व दो कनीय अभियंता को बर्खास्त कर दिया है। 

इसके अलावा निर्माण कार्य से जुड़े दूसरे विभाग के अन्य तीन इंजीनियरों की नौकरी समाप्त करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी से की अनुशंसा की गई है। इनमें सड़क निर्माण के कार्यपालक अभियंता व पीएचईडी के दो सहायक अभियंता शामिल हैं। 

गौरतलब है कि एक वर्ष पूर्व यहां पहुंचे शिक्षा विभाग के तत्कालीन अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने डायट के बने नवनिर्मित भवन की स्थिति को देख कार्य एजेंसी को तत्काल खामियों को दूर करने का निर्देश दिया था। परंतु अपर मुख्य सचिव के निर्देशों की अनदेखी कर भवन व उसके साथ बने बालक-बालिका छात्रावास को हैंडओवर लेने का कार्य डायट के प्राचार्य द्वारा किया गया।

Edited By: Prashant Kumar Pandey