संवाद सूत्र, खिजरसराय : गुरुवार को भारत बंद के दौरान महकार थाना क्षेत्र के छोटिया में सिपाही और पुलिस वाहन पर पथराव और धक्का-मुक्की के मामले में नौ नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

एएसआई उमा राय ने आवेदन में लिखा है कि 25 से 30 की संख्या में हथियारबंद अपराधी ने अचानक हमला कर धक्का-मुक्की और पथराव करने लगे। किसी तरह मैंने अपनी जान बचाई। वहीं, छोटिया के ग्रामीणों का आरोप है कि जाम हटने के बाद महकार थाने के एएसआइ उमा राय और कुछ पुलिस बल के द्वारा गाव के समीप ही बालू ले जा रहे ट्रैक्टर और ट्रक से अवैध वसूली की जा रही थी। इसको देखकर कुछ युवकों ने गाव के सामने वसूली करने से मना किया। इस बात को लेकर उमा राय ने सभी लोगों के विरुद्ध झूठा केस दर्ज कराया। रविवार को दर्जनों ग्रामीण डीएसपी से मिलकर दोषी पदाधिकारी को बर्खास्त करने और झूठे मुकदमे दर्ज कराने के कारण उनपर भी मुकदमा दर्ज करने की माग की।

महकार थानाध्यक्ष प्रशात कुमार सिंह ने बताया कि देर शाम तक घटना की जानकारी नहीं थी। गश्ती दल थाने लौटा तो सारी बात बताई। उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारी ने जो मामला दर्ज कराया है, उसकी जाच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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एएसआइ पर पूर्व में भी

लग चुका है आरोप

महकार थाना इलाके के छोटिया निवासी नंद किशोर शर्मा ने डीएसपी रमेश दुबे से बताया कि महकार थाने के पूर्व के थानाध्यक्ष सुशील कुमार राहुल और आरोपी अधिकारी उमा राय पर चावल लदे पिकअप छोड़ने के एवज में अवैध राशि की उगाही करने का मामला प्रकाश में आया था। तत्कालीन जाच अधिकारी के द्वारा जाच के दौरान आरोप की पुष्टि हुई थी और तत्कालीन थानाध्यक्ष सुशील कुमार राहुल को लाइनहाजिर किया गया था। लेकिन उमा राय पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। उसके बाद वादी ने लोकायुक्त के पास कार्रवाई के लिए आवेदन दिया था। उन्होंने कहा कि मेरे भाई अमितेश कुमार को पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पुलिस अधिकारी ने झूठे केस में फंसाने का काम किया है।

नीमचक बथानी डीएसपी रमेश दुबे ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा घटना की जानकारी प्राप्त हुई है। जाच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran