जागरण संवाददाता, गया। बिहार पुलिस की कार्यशैली से थक चुकी गया जिले की एक महिला की आस केवल मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर टिकी है। महिला को यकीन है कि सीएम उनका दर्द दूर करेंगे। वह सीधे मुख्‍यमंत्री के पास नहीं आ रही। वह फरियाद करते-करते थक चुकी है। एसपी से लेकर सांसद तक आवेदन देने के बावजूद थाने की पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के टिल्हा महावीर स्थान मोहल्ला निवासी दीप्ति वर्मा अब पूरी तरह टूट चुकी हैं। कारण यह कि 26 दिनों से उनके पति रंजू कुमार व पांच वर्षीय पुत्र दर्शित रणेश लापता हैं। पुलिस ने अब इस मामले को ठंडा बस्ते में डाल दिया है। ऐसे में पीडि़ता को सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आस है। मुख्यमंत्री के जनता दरबार में जाने के लिए उन्होंने आवेदन दिया है। पीडि़ता का आवेदन संख्या 11000209745 स्वीकार कर लिया गया है। पीडि़ता का कहना है कि मुख्यमंत्री को अपनी फरियाद सुनाएंगे और पति व पुत्र को लाने के लिए फरियाद करेंगे।

एसपी से लेकर सांसद तक लगाई गुहार

जानकारी हो कि बीते 28 अगस्त को पति और पुत्र के लापता होने की प्राथमिकी सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई थी। उसके बाद पीडि़ता लगातार थाना, डीएसपी, एसएसपी के साथ विधायक, केंद्रीय मंत्री तक गुहार लगा चुकी है, लेकिन कोई भी प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि ने उनकी वेदना को नहीं समझा। अब तो पीडि़ता की आंखों से आंसू भी सूख गए हैं।

पुलिस ने भी माना, नहीं कर पाए कोई कार्रवाई

शायद, यह पहली घटना होगी, जिसमें पुलिस ने अपनी नाकामी स्‍वीकार की है। इसके पीछे कोई कारण नहीं है। थानाध्‍यक्ष ने शान से कहा कि लापता रंजू की कॉल डिटेल निकालने के अलावा हमने उन्‍हें और उनके बेटे को ढूंढने का कोई प्रयास नहीं किया। पीडि़ता दीप्ति वर्मा कहती है कि पति और पुत्र के बिना जीवन में सूना है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, पीडि़ता की लगातार तबीयत बिगड़ती जा रही है। अब तो धीरे-धीरे अन्न भी त्याग रही हैं। थानाध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने बताया कि इतने दिनों में केवल लापता व्यक्ति का सीडीआर निकाला गया है। इसके बाद की कार्रवाई नहीं हुई है।

पिटाई से जख्मी युवक की इलाज के दौरान मौत

फतेहपुर। अमघटी निवासी विजय भुइयां का पुत्र बिंदु कुमार की मौत इलाज के दौरान पटना में बुधवार की देर रात हो गई। उसका शव गुरुवार को गांव में पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया। ङ्क्षबदु कुमार ने 19 सितंबर को बाइक से घर आने के दौरान भूतकुआ के पास एक व्यक्ति को टक्कर मार दी थी। उसके बाद वहां के ग्रामीणों ने उसे बंधक बनाकर जमकर पीटा था। जब वह बेहोश हो गया तो उसे गया रजौली सड़क मार्ग के किनारे फेंक दिया। स्वजनों द्वारा उसे इलाज के लिए फतेहपुर व गया के बाद पटना में भर्ती कराया गया। जहां बुधवार की रात में मौत हो गयी। वहीं स्वजनों ने गुरुवार को थाना में भूतकुआ निवासी गुडडू एवं उसके स्वजनों पर हत्या का प्राथमिकी दर्ज कराया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया।

Edited By: Prashant Kumar