यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बदहाल हो चुका है सासाराम का अब्दुल क्यूम अंसारी को समर्पित डेहरी नगर भवन, 2003 में राबड़ी देवी ने किया था उद्घाटन
द्विराष्ट्रवाद के विरोधी के तौर पर जाने जाने वाले प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी अब्दूल क्यूम अंसारी को समर्पित नगर भवन प्रशासनिक ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास): आजादी का अमृत महोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है। लेकिन द्विराष्ट्रवाद के विरोधी के तौर पर जाने जाने वाले प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी अब्दूल क्यूम अंसारी को समर्पित नगर भवन प्रशासनिक पेंच के कारण जर्जर व गंदगी से सराबोर है। नगर भवन को अनुमंडल प्रशासन ने जिलाधिकारी के आदेश पर नगर परिषद को इस साल फरवरी महीने में हस्तानांतरित किया था। लेकिन यह प्रक्रिया अधूरी रह गई। इस कारण नगरवासियों में रोष व्याप्त है। इसी साल फरवरी महीने में इसके लिए पहल शुरू हुई थी। डीएम ने खुद इसमें विशेष रुचि दिखाई थी।
साल 2003 में हुआ था निर्माण कार्य
तत्कालीन विधायक इलियास हुसैन की विधायक निधि से लगभग 1 करोड़ की धनराशि से इसका निर्माण किया गया था। 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने खुद इसका उद्घाटन किया था। वित्तीय वर्ष 2014-15 में मरम्मति के लिए 20 लाख से ज्यादा की धनराशि खर्च हुई।

भवन के अंदर में ग्रामीणों द्वारा शौच के लिए उपयोग किया गया हॉल
नगर भवन की स्थिति है जानलेवा
नगर भवन की स्थिति फिलवक्त काफी जर्जर है। रखरखाव के अभाव में सिलिंग टूट कर गिर रही है। फर्श और शौचालय की स्थिति भी काफी बदतर है। जबकि मुहल्ले के लोग इसके परिसर का इस्तेमाल शौचालय के लिए करते हैं।

हॉल के अंदर जर्जर पड़े पंखे और अन्य उपकरण
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी की थी व्यक्त
विधायक फते बहादूर सिंह ने इस साल मार्च में नगर भवन का निरीक्षण किया था। अव्यवस्था देखकर उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी। पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह ने भी अपने कार्यकाल में इसके हस्तानांतरण का मामला उठाया था।
क्या कहते हैं अधिकारी
नप के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक कहते हैं कि हस्तानांतरण की प्रक्रिया में तय प्रावधानों से कुछ बिंदु पर सहमति नहीं है। इस कारण इसमें पेंच अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि जल्द ही संबंधित प्रावधान की नई रुप रेखा तय की जाएगी। जिसके बाद इस पर कार्रवाई शुरू होगी। एजेंसी को इसके आधुनिकीकरण को डीपीआर बनाने को कहा गया है।