गया की 'बुद्ध पहाड़ी' को पर्यटन स्थल घोषित करने की तैयारी, भेजा गया प्रस्ताव
गया के इमामगंज स्थित बुद्ध पहाड़ी पर प्राचीन बौद्ध मूर्तियां मौजूद हैं, जिसे पर्यटन स्थल घोषित करने का प्रस्ताव जिला ...और पढ़ें

बुद्ध पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित करने की तैयारी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
देवेन्द्र प्रसाद, इमामगंज (गया)। गया जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर इमामगंज प्रखंड की दुबहल पंचायत के प्रांचक गांव स्थित बुद्ध पहाड़ी आज भी प्राचीन बौद्ध इतिहास और धार्मिक विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है। पहाड़ी पर भगवान बुद्ध की करीब एक दर्जन विखंडित प्राचीन मूर्तियां मौजूद हैं।
वहीं, पहाड़ी के नीचे स्थित मंदिर में भी एक दर्जन से अधिक खंडित प्रतिमाएं रखी गई हैं, जिनकी ग्रामीण नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। ऐतिहासिक महत्व के बावजूद यह स्थल अब तक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित नहीं हो सका है।
1932 में खुदाई के दौरान मिली थीं प्रतिमाएं
मंदिर समिति के सचिव सुमन कुमार के अनुसार, वर्ष 1932 में बुद्ध पहाड़ी पर खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध की कई विखंडित प्रतिमाएं मिली थीं। इसके बाद से स्थानीय ग्रामीण इन प्रतिमाओं को सुरक्षित रखकर पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1942 में अंग्रेजों द्वारा यहां से भगवान बुद्ध की एक आदमकद प्रतिमा ले जाकर बोधगया स्थित पुरातत्व संग्रहालय में रखी गई थी। हालांकि, अन्य खंडित प्रतिमाएं पहाड़ी पर ही छोड़ दी गईं।
2022 में मिली थी बुद्ध की माता की प्रतिमा
सुमन कुमार ने बताया कि वर्ष 2022 में पहाड़ी पर दोबारा खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध की माता की करीब दो फीट ऊंची प्रतिमा मिली थी। इसे पहाड़ी पर बने मंदिर में स्थापित किया गया, जहां आज भी श्रद्धालु पूजा-अर्चना करते हैं। स्थानीय लोगों की इस स्थल के प्रति गहरी आस्था है। ग्रामीण बुद्ध पहाड़ी को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।
पर्यटन स्थल बनने से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
ग्रामीणों का कहना है कि बुद्ध पहाड़ी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो इसे बौद्ध सर्किट से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। ग्रामीणों ने स्थल के संरक्षण, विकास और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है।
पर्यटन विभाग को भेजा गया प्रस्ताव
इमामगंज के अंचलाधिकारी सुकेश कुमार ने बताया कि बुद्ध पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित करने के लिए प्रतिवेदन तैयार कर जिला पर्यटन विभाग को भेजा गया है। वहीं, ग्रामीणों और मंदिर समिति ने पहाड़ी के नीचे बिहार सरकार की जमीन पर बुद्ध पहाड़ी के नाम से बाजार लगाने की मांग की है। इस संबंध में अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक पहल और सरकारी सहयोग से बुद्ध पहाड़ी की ऐतिहासिक पहचान सामने आएगी। साथ ही, प्राचीन प्रतिमाओं का संरक्षण होगा और यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन एवं स्थानीय आर्थिक विकास का केंद्र बन सकेगा।
