गया : छोटे बच्चों को दस्त से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम दस्त नियंत्रण पखवाड़ा की शुरूआत की गई है। इसके तहत आशा हरेक पंचायत के गांव-गांव जाकर लोगों को इससे बचाव की जानकारी देंगी। जिस भी घर में पांच साल तक के बच्चे रहेंगे वहां ओआरएस का पैकेट मुफ्त में दिया जाएगा। साथ ही घर के अभिभावक को ओआरएस का पैकेट किस तरह से पानी में मिलाकर तैयार करना है इसकी जानकारी देंगी। जिन भी घरों में किसी बच्चे को पैखाना यानि दस्त की शिकायत मिलेगी वहां ओआरएस का पैकेट के साथ ही जिक का टेबलेट भी दिया जाएगा। इस पखवाड़ा का शुभारंभ जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. सुरेंद्र चौधरी ने गुरुवार को जेपीएन अस्पताल में किया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि 15 से 29 जुलाई तक जिला में सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। मौके पर डा. फिरोज अहमद, डा. एमई हक,अस्पताल प्रबंधक संजय कुमार अम्बष्ट, यूनिसेफ एसएमसी अजय किरोबिम, यूनिसेफ आरआई कंसल्टेंट मनोज राव, बीएमसी नीरज कुमार अम्बष्ट, पाथ को-ऑडिनेटर दीपक कुमार,जिला डेटा ऑपरेटर मकसूद आलम,रवि कुमार व अन्य मौजूद थे।

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शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम

-दस्त से होने वाले शिशु मृत्यु का शून्य स्तर प्राप्त करने के उद्देश्य से इस पखवाड़े का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम को अच्छे से करने के लिए राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने अस्पताल अधीक्षक व सिविल सर्जन को पत्र भेजा है।

पत्र में कहा गया है कि शिशु मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाने के उद्देश्य से प्रति वर्ष सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा आयोजन किया जाता है। लाभार्थियों के रूप में सभी पांच साल से कम उम्र के बच्चों को शामिल किया गया है।

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शहरी स्लम व ग्रामीण बस्ती अतिसंवदेनशील क्षेत्र चिह्नित

-अतिसंवेदनशील क्षेत्र शहरी झुग्गी झोपड़ी, कठिन पहुंच वाले, ईंट भट्ठा क्षेत्र, नोमैडिक निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के परिवार, अनाथालय व ऐसे चिह्नित क्षेत्र जहां दो तीन वर्ष पूर्व तक दस्त के मामले अधिक संख्या में पाये गये हों उन स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित कर सघन दस्त नियंत्रण अभियान चलाना है।

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एक लीटर साफ पानी में तैयार करें घोल, समय-समय पर बच्चे को पिलाएं -दस्त होने के दौरान बच्चों को आवश्यक रूप से ओआएस का घोल देना है। छह माह तक के बच्चों को आधा गोली जिक का व इससे अधिक उम्र के बच्चे को एक गोली देनी है। यह दवा 14 दिन तक लगातार देनी है। एक लीटर पानी में ओआरएस का पैकेट घोल लेना है। उसे समय-समय पर पिलाना है। इस दौरान मां अपने बच्चे को नियमित रूप से स्तनपान, ऊपरी आहार तथा भोजन जारी रखेंगी। उबालकर ठंडा किया हुआ पानी पीने को देंगी। घर के आसपास साफ-सफाई का ध्यान रखेंगी।

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ग्राफिक्स

इन लक्षणों के दिखने पर कराएं इलाज

-बच्चा ज्यादा बीमार लग रहा हो

-सुस्त तथा बेहोश हो जाना

-पानी जैसा लगातार दस्त का होना

-बार बार उल्टी होना

-अत्यधिक प्यास लगना

-पानी न पी पाना

-बुखार होना

-मल में खून आना

Edited By: Jagran