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गया मेडिकल कॉलेज के पोस्टमार्टम हाउस में बदला शव, परिजनों का श्मशान पहुंच किया हंगामा; तब तक जल चुकी थी चिता

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:50 PM (IST)

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) के पोस्टमार्टम हाउस में शवों की अदला-बदली का चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज

अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज

HighLights

  1. गया ANMMCH में पोस्टमार्टम हाउस में शव बदले गए।

  2. परिजनों ने श्मशान घाट पर जलती चिता रुकवाई।

  3. मानवीय भूल के कारण हुई शवों की अदला-बदली।

जागरण संवाददाता, गयाजी। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एक बार फिर सूर्खियों में आ गया है। मेडिकल कॉलेज के एफएमटी विभाग के अधीन संचालित पोस्टमार्टम हाऊस के कारनामा शनिवार को सामने आया। जब बारिश बाडी को लावारिश के हाथों में सौंप दिया गया। बारिश बाडी काे लावारिश घोषित कर विष्णुपद श्मशान घाट पर लकड़ी की चिता पर दाह संस्कार कर दिया। 

स्वजन अपने परिवार का शव खोजते हैं, तब तक काफी देर हो चुकी थी, जबकि लावारिश बॉडी पोस्टमार्टम कराकर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज की शीत श्रृंखला में रखा हुआ है। बाडी की अदला-बदली करने का मामला प्रकाश में आने के बाद मेडिकल कालेज, पुलिस विभाग, स्वजन सकते में आ गए। 

लावारिश और बारिश बाडी की खोजबीन शुरू हुई। तब जाकर पुलिस के सामने सच्चाई आई कि ज्ञात शव काे चौकीदार के देखरेख में दाह संस्कार दिया गया। जबकि अज्ञात शव को मेडिकल में पोस्टमार्टम कराकर रखा गया है।

इलाज के दौरान हुई थी मौत

हुआ यूं कि गया जिले के गुरारु थाना क्षेत्र के बरमा गांव में गुरारु - मथुरापुर स्टेट हाई वे 69 पर शुक्रवार की रात अज्ञात वाहन से धक्का लगने के बाद 57 वर्षीय विगन रविदास गंभीर रुप से घायल हो गए। स्वजन ने विगन को इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया। शनिवार को उसकी मौत हो गई। 

मेडिकल कॉलेज थाना की पुलिस ने बिगन का शव पोस्टमार्टम कराने के लिए सौंपा। मेडिकल थाना की पुलिस के अनुसार बुधवार को जीआरपी से 30 वर्षीय अज्ञात शव को पोस्टमार्टम के लिए आया था। तीन दिन पूरा होने के बाद शनिवार को अज्ञात शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद एफएमटी विभाग के पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिगन और अज्ञात शव को रखा गया। 

30 साल उम्र का शव देखकर स्वजन भड़क गए

पुलिस के अनुसार लावारिश शव को देने के लिए अंतेष्टि के लिए चयनित व्यक्ति को चौकीदार को बुलाया गया। चौकीदार और वह व्यक्ति लावारिश शव की जगह बिगन की शव को ठेला पर लादकर विष्णुपद श्मशान घाट लेकर पहुंचा। जहां दाह संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई, इसी बीच बिगन के स्वजन अपना शव लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। 

57 साल की जगह 30 साल उम्र का शव देखकर भड़क गए स्वजन  

आनन-फानन में पता चला कि चयनित व्यक्ति बिगन को शव लेकर विष्णुपद गया है। स्वजन तत्काल श्मशान घाट पहुंचकर दाह संस्कार को रूकवाया। लेकिन जलती हुई लकड़ी को पानी से पूरी नहीं बुझाया। इस कारण से शव धीरे-धीरे पूरी तरह जल गई। स्वजन मगध मेडिकल कॉलेज थाना पहुंचे। जहां शव को बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किए। 

स्वजन शनिवार की देर रात जमे हुए हैं। शव को बदलने का आरोप लगाते आरोपितों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। यह कारनामा से एक बार फिर मेडिकल कालेज पर दाग लगा दिया है।

मानवीय भूल के कारण पोस्टमार्टम हाऊस से शव की अदला-बदली हुई है।- डॉ.राजीव कुमार रंजन, विभागाध्यक्ष, एफएमटी

पिछले एक सप्ताह से रेल प्रशासन ने कोई अज्ञात शव पोस्टमार्टम कराने के लिए मेडिकल कॉलेज को नहीं भेजा है। - शिव कुमार यादव, थानाध्यक्ष, जीआरपी, गया।

एफएमटी की लापरवाही के कारण शव की हुई अदला-बदली। बुधवार को रेल थाना सेआया था 30 वर्षीय अज्ञात युवक का शव।जिसे पोस्टमार्टम शनिवार को कराया गया। 57 साल बिगन रविदास और 30 वर्षीय अज्ञात युवक की शव ढक्का रहने के कारण पहचान करने में समस्या आई। - सुदेश कुमार थानाध्यक्ष मेडिकल कॉलेज।


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