गया [जेएनएन]। बोधगया के एक विदेशी मठ में तीन भंतों पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौनशोषण का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया गया है।इसके बाद कोर्ट के आदेश के एससी-एसटी थाने में मामला दर्ज किया गया है।

नाबालिग के साथ अनैतिक कार्य के मामले में  बुधवार को डीएसपी नगर प्रखंड स्थित महिला थाना व एससी-एसटी थाना की पुलिस पहुंची। महिला थानाध्यक्ष की उपस्थिति में पीडि़ता का बयान लिया गया।

छह साल की मासूम से तीन भंते करते थे यौनाचार
जानकारी के अनुसार पीड़िता जब छह साल की थी तभी से तीनों भंते उसके साथ यौनाचार करते थे। पीड़िता की मां बुद्धिस्ट मोनेस्ट्री में झाड़ू-पोंछा लगाने का काम करती थी। पीड़िता की मां को जब इसके बारे में पता चला तो वो बोधगया थाने में इसकी शिकायत दर्ज करवाने गयी थी, मगर वहां किसी ने इस पर संज्ञान नहीं लिया।

पीड़िता ने बताया, असहनीय और दर्दनाक था
पीडि़ता ने बताया कि मठ में वर्षों से उसके साथ अनैतिक कार्य हो रहा था। उस वक्त उसकी उम्र कम थी, इसलिए समझ नहीं पा रही थी। उम्र बढऩे पर जब उसे ये गलत लगा तो उसने इससे मना कर दिया। उसने अपनी मां को आपबीती बताई, जो दर्दनाक और असहनीय थी। 

पुलिस ने नहीं दर्ज की प्राथमिकी 
पीडि़त परिवार का कहना है कि बोधगया थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने गए थे, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। उसके बाद एक करीबी अधिवक्ता को पूरी घटना की जानकारी दी। अधिवक्ता और निर्भया संस्था की पहल पर गया कोर्ट में स्थित एससी-एसटी कोर्ट में परिवाद पत्र दाखिल किया गया।

कोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आई पुलिस
कोर्ट ने एसएसपी स्तर से जांच करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। तब पुलिस हरकत में आई। 18 अप्रैल को कोर्ट के परिवाद पत्र में दिए गए निर्देश के आलोक में नगर प्रखंड स्थित एससी-एसटी कोर्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच प्रक्रिया शुरू हुई। 

एसएसपी ने कहा-होगी कड़ी कार्रवाई  
एसएसपी राजीव मिश्रा ने बताया कि बोधगया विदेशी मठ में अनैतिक कार्य की जांच करने का आदेश कोर्ट से मिला था। उसके बाद पूरे मामले की जांच कराने के लिए सिटी एसपी सुशील कुमार की देखरेख में टीम गठित की गई। इस केस के अनुसंधानकर्ता एससी-एसटी थानाध्यक्ष हैं। टीम में डीएसपी बोधगया एवं महिला थानाध्यक्ष को रखा गया है।

पुलिस की लापरवाही आई सामने
वहीं, समाजसेविका सत्यावती देवी ने बताया कि थाई भारत सोसायटी से तीनों भंते जुड़े हुए हैं। भंते ने नाबालिग लड़की के साथ छह साल की उम्र से ही यौनाचार कर रहे थे। मामले में पुलिस ने अभी तक किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की है। इसके बाद मामला कोर्ट में पहुंचा है, अब उम्मीद है कि जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

 

Posted By: Kajal Kumari

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