जागरण संवाददाता, गया। आइआइएम (Indian Institute of Management) बोधगया में  14 सितंबर से 22 सितंबर के बीच हिंदी सप्ताह मनाया जा रहा है। हिंदी दिवस  के अवसर पर आइआइएम की निदेशक डा विनीता एस. सहाय के संदेश से हिंदी सप्ताह की शुरूआत की गई। डा सहाय ने कर्मचारियों के नाम अपने संदेश में रेखांकित किया कि ‘हिंदी आज वैश्विक भाषा बनती जा रही है। प्रधानमंत्री विभिन्न राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंचों से गर्व से हिंदी भाषा में संबोधन करते हैं। हिंदी के विशाल बाज़ार को देखते हुए राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय कंपनियाँ संपर्क भाषा के रूप में हिंदी को अपना रही हैं। उन्होंने आगे कार्मिकों से कहा कि संवैधानिक दायित्व और हिंदी का राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए हमें राजभाषा हिंदी को दैनिक जीवन और कामकाज़ में नि:संकोच अपनाना चाहिए।’ हिंदी सप्ताह के अंतर्गत कल संस्थान में राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शैक्षणिक या गैर-शैक्षणिक कार्मिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यशाला में राजभाषा नीति, नियम और कार्यान्वयन के अंतर्गत राजभाषा के संवैधानिक प्रावधानों, विभिन्न नियमों और कार्यान्वयन पर बात की गई।

मीडिया एवं पीआर सेल द्वारा आयोजित हिंदी कविता प्रतियोगिता

आइआइएम बोध गया के छात्रों ने अपने दैनिक जीवन में हिंदी की महत्ता समझते हुए एवं भाषा के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए हिंदी दिवस को उत्साहपूर्वक मनाया। छात्रों ने  मीडिया एवम् पीआर सेल द्वारा आयोजित हिंदी कविता लेखन में बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग लिया। शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी  होने के बावजूद हिंदी लेखन के प्रति छात्रों के लगाव एवं प्रतिभा से हिंदी के गौरवपूर्ण भविष्य की कल्पना करना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। मीडिया एवं पीआर सेल ने हिंदी कवियों की चुनी हुई रचनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से सभी के साथ साझा किया।

उन्नयन क्लब कर रहा हिंदी सप्ताह का आयोजन

साथ ही साथ कला, संगीत एवं अभिनय सम्बंधित, "उन्नयन" क्लब ने हिंदी सप्ताह का शुभारम्भ भी किया। इस सप्ताह भर चलने वाले समारोह में सुलेखन, कविता पाठ, टंग-ट्विस्टर, आदर्श-वाक्य लेखन जैसे अनेक चुटीली प्रतियोगिता आयोजित हो रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को किशोरावस्था तक पढ़ी हुई हिंदी की सुंदरता एवं विविधता से स्मरण कराना है। कॉलेज की स्टूडेंट बॉडीज, अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन में हर तरह की गतिविधियों से छात्रों को मनोरंजित करने एवं नए कौशल को सीखने के अवसर प्रदान करते हैं। आइआइएम की निदेशक डा. विनीता सहाय ने छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की सराहना की एवम् उन्हें भविष्य में ऐसे आयोजन करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

Edited By: Prashant Kumar