पानी गहरा, मौत करीब थी... फिर भी आहर में कूदा 12 साल 'हीरो' विक्की; गया में डूब रही 4 महिलाओं की बचाई जान
गया के फतेहपुर में एक आहर में घास काटने उतरीं छह महिलाएं गहरे पानी में डूबने लगीं, जिसमें दो की ...और पढ़ें

4 महिलाओं को बचाने वाला विककी
HighLights
फतेहपुर के श्रीरामपुर गांव में आहर में छह महिलाएं डूबीं।
12 वर्षीय विक्की ने साहस दिखाते हुए चार महिलाओं को बचाया।
पार्वती देवी और रेखा देवी की दुखद मौत, गांव में शोक।
संवाद सूत्र, फतेहपुर (गया)। फतेहपुर थाना क्षेत्र के जगरनाथपुर पंचायत अंतर्गत श्रीरामपुर गांव में गुरुवार के दोपहर में बड़का आहर में एक दर्दनाक हादसा हो गया। घास काटने के बाद झाड़ू बनाने के लिए कासी काटने पानी में उतरीं छह महिलाएं अचानक गहरे पानी में चली गयीं और डूबने लगीं।
हादसे में पार्वती देवी (50) और रेखा देवी (40) की मौत हो गयी। वहीं अनीता देवी 30, रंजू देवी 35, मीना देवी 32 और उर्मिला देवी 40 वर्षीय को 12 वर्षीय किशोर विक्की कुमार ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में उतरकर बाहर निकाला। इलाज के बाद चारों की स्थिति खतरे से बाहर बतायी जा रही है। सभी महिलाएं आपस में गोतिया बतायी जाती हैं।
कासी काटने के दौरान गहरे पानी में चली गयीं महिलाएं
ग्रामीणों के अनुसार महिलाएं पहले आहर के समीप घास काट रही थीं। इसके बाद झाड़ू बनाने के लिए कासी काटने की योजना बनायी और सभी पानी में उतर गयीं। इसी दौरान पार्वती देवी और रेखा देवी गहरे पानी में चली गयीं और डूबने लगीं। दोनों को डूबता देख वहां मौजूद चार अन्य महिलाएं उन्हें बचाने के प्रयास में पानी में उतर गयीं और वे भी डूबने लगीं।
छह महिलाओं के एक साथ पानी में डूबने की खबर मिलते ही गांव में अफरातफरी मच गयी। ग्रामीण और स्वजन दौड़कर आहर के पास पहुंचे। इस बीच लोगों की नजर चार महिलाओं को पानी में डूबते 12 वर्षीय विक्की की नजर पड़ी।
दादी के लिए घास लेने गया था विक्की, महिलाओं को डूबता देख पानी में कूद पड़ा
हादसे के समय विक्की कुमार अपनी दादी के पास घास लाने गया था। उसने महिलाओं को पानी में डूबते देखा तो बिना किसी देरी के आहर में छलांग लगा दी। तैरना जानने वाले विक्की ने साहस दिखाते हुए एक एक कर अनीता, रंजू, मीना और उर्मिला को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उसने पार्वती और रेखा की भी तलाश की लेकिन उनका पता नहीं चल सका।

विक्की इसके बाद शोर मचाते हुए गांव की ओर दौड़ा और ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण आहर के पास जुट गये। इसी दौरान 17 वर्षीय संटू कुमार भी पानी में उतरा और काफी मशक्कत के बाद पार्वती देवी व रेखा देवी को बाहर निकाला।
चार महिलाओं के स्वजन बोले- विक्की नहीं होता तो पता नहीं क्या होता
हादसे में चार महिलाओं के बच जाने के बाद उनके स्वजन संतोष यादव, बबलू यादव, उमेश यादव, कैलाश यादव, रामचंद्र यादव समाजसेवी, धनंजय मिस्त्री मुखिया, सुनील कुमार उप मुखिया सहित अन्य ने विक्की के साहस और तत्परता के लिए उसे धन्यवाद देते हुए कहा कि विक्की ने घटना के समय जिस तरह बिना अपनी जान की परवाह किए पानी में छलांग लगायी। वह साहस का परिचय है। चारों महिलाओं के स्वजन ईश्वर के साथ साथ विक्की को भी बार बार धन्यवाद दे रहे हैं।
पुलिस व प्रशासन ने ली घटना की जानकारी
घटना की सूचना मिलते ही फतेहपुर पुलिस के एएसआइ अंबुज कुमार और टनकुप्पा के अंचलाधिकारी दिव्यांशु कुमार साह घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और स्वजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। सीओ ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद मृतक के स्वजनों को सरकार द्वारा मिलने वाली सभी लाभों को दिया जाएगा।
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