मोतिहारी। नेपाल की तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने से बागमती व लालबकेया नदी में वृद्धि होने से देवापुर और जिहुली गांव के निचले इलाके में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। जलस्तर के बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बताया गया कि अचानक बागमती में आई उफान के बाद मोतिहारी-शिवहर का संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है। बेलवाघाट पर पानी का बहाव तेज होने से इस रास्ते वाहनों का परिचालन पूरी तरह रोक दिया गया है। बाढ़ में देवापुर गांव के करीब एक दर्जन निजी नाव पानी में बह गए। जिनके नाव नदी की जलधारा में बहे हैं उनमें नाविक रामअवतार सहनी, रमेश सहनी, केवल सहनी, विकास सहनी, भोला सहनी, मंगनी सहनी आदि के नाम शामिल हैं। प्रखंड स्तर पर बाढ़ से निपटने की तैयारी प्रशासनिक स्तर पर पूरी कर ली गई है। सीओ विनय कुमार ने बताया कि प्रखंड में तत्काल अभी की एक नाव की उपलब्ध है। अन्य नाव के लिए प्रस्ताव जिले को भेजा गया है। वहीं फुलवरिया घाट पर लालबकेया नदी के उफनाने से पानी का तेज प्रवाह हो रहा है। इस कारण यहां प्रशासनिक स्तर पर नाव का परिचालन बंद कर दिया गया है। इस स्थिति में लालबकेया नदी के गुआवारी घाट रेलवे पुल होकर जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपाल में जब भी बारिश होती है, तो दोनों नदियों में बाढ़ आ जाती है। लालबकेया देवापुर के पास बागमती की मुख्यधारा में मिलती है, जिसके कारण बेलवा घाट पथ पर पानी चढ़ गया है। देवापुर और बेलवा के बीच पुल नहीं बनने के कारण नदी में बांध नहीं है, और उसी टूटान (गैप) से नदी का पानी देवापुर, ढाका-शिवहर पथ बेलवा, अलसेरपुर, जिहुली आदि गांवों तक फैल जाता है। बाढ़ के पानी बढ़ने से केला, परवल, नेनूआ, करैला आदि की खेती बर्बाद हुई है। सीओ विनय कुमार ने बताया कि नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। देवापुर घाट पर चौकीदार को तैनात कर दिया गया है। नदी में नाव के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।

लगातार बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ने के साथ दुधौरा नदी का दाया तटबंध चार जगहों पर मंगलवार को टूट गया। फुलवार दक्षिणी पंचायत स्थित नदी का तटबंध घोड़मरवा के समीप चार जगहों पर 20 से 25 फीट की दूरी में टूटा है। तटबंध के टूटने से आसपास के इलाकों में तेजी से पानी फैलने लगा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीओ व प्रखंड प्रमुख ने स्थिति का जायजा लेते हुए सुरक्षात्मक कार्य प्रारंभ कर दिया है। अधिकारियों की टीम ने तटबंध की मरम्मत करने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। आसपास से मिट्टी मंगवाकर बांध की मरम्मत की जा रही है। एसडीओ प्रियरंजन राजू ने कहा कि तटबंण टूटने से फिलहाल जान-माल की क्षति की कोई सूचना नहीं है। किसानों के धान के बिचड़े बर्बाद हो गए हैं। इधर मोतिहारी-लखौरा रोड के बरनावा घाट के समीप पिछले साल क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने के बावजूद इसपर कटवा प्रारंभ हो गया है। कार्यपालक अभियंता समेत कई अधिकारियों की टीम स्थिति का जायजा लेते हुए कटाव निरोधी कार्य प्रारंभ कर दिया है।

Posted By: Jagran