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मोतिहारी के आसमान में दिखेगा रोमांच, नौ सूर्यकिरण विमान करेंगे हैरतअंगेज करतब

By Satyendra KumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Mon, 21 Sep 2026 11:39 AM (IST)

भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 25 सितंबर को मोतिहारी के आसमान में नौ हॉक एमके-132 विमानों के साथ हैरतअंगेज हवाई करतब दिखाएगी।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. सूर्यकिरण टीम 25 सितंबर को मोतिहारी में हवाई करतब दिखाएगी।

  2. नौ हॉक एमके-132 विमानों से रोमांचक प्रदर्शन किया जाएगा।

  3. सटीक फॉर्मेशन और तिरंगे के रंगों की धुआं-धाराएं दिखेंगी।

जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। मोतिहारी के लोगों के लिए 25 सितंबर का दिन रोमांच और गौरव से भरा होगा। भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) पहली बार शहर के आसमान में अपने हैरतअंगेज हवाई करतबों का प्रदर्शन करेगी।

नौ हॉक एमके-132 विमानों का सटीक फॉर्मेशन, आसमान में बनते अद्भुत आकार और केसरिया, सफेद व हरे रंग की धुआं-धाराएं लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।

2026 के प्रशिक्षण सत्र के सफल समापन के बाद सूर्यकिरण टीम देश के विभिन्न हिस्सों में हवाई प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में टीम मोतिहारी पहुंच रही है। इस वर्ष टीम में पांच नए सदस्य शामिल किए गए हैं, जो अनुभवी पायलटों के साथ सूर्यकिरण की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

पांच मीटर से भी कम दूरी पर उड़ेंगे विमान

सूर्यकिरण टीम के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खासियत विमानों के बीच अद्भुत सामंजस्य और सटीकता है। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित डीएनए मैन्युवर जैसे करतबों के दौरान कई बार विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रह जाती है।

ऐसी स्थिति में एक छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है। यही कारण है कि प्रत्येक मैन्युवर पायलटों के प्रशिक्षण, अनुशासन, आपसी विश्वास और टीमवर्क की कठिन परीक्षा होता है।

लाल और सफेद रंग के नौ हॉक एमके-132 विमानों से होने वाले इस प्रदर्शन को स्वदेशी तकनीक से विकसित रंगीन स्मोक सिस्टम और आकर्षक बनाएगा।

नासिक स्थित भारतीय वायु सेना के बेस रिपेयर डिपो द्वारा विकसित स्मोक पॉड्स के माध्यम से विमान आसमान में तिरंगे के रंगों की धुआं-धाराएं छोड़ेंगे।

1996 में हुई थी टीम की स्थापना

वर्ष 1996 में स्थापित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को एशिया की नौ-विमानों वाली प्रमुख एरोबेटिक टीम के रूप में पहचान मिली है। टीम भारत में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है।

इसके अलावा चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर, यूएई समेत विभिन्न देशों में आयोजित एयर शो में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

‘एंबेसडर्स ऑफ द इंडियन एयर फोर्स’ के रूप में सूर्यकिरण टीम देश-दुनिया में भारतीय वायु सेना की पेशेवर क्षमता, अनुशासन और उत्कृष्टता का संदेश देती है। इसके प्रदर्शन युवाओं को सशस्त्र बलों में करियर के लिए प्रेरित करने का भी माध्यम बनते हैं।

बिहार से भी जुड़ा है टीम का रिश्ता

मोतिहारी में होने वाले प्रदर्शन का बिहार के लिए खास जुड़ाव भी है। सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं। वहीं टीम का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी कर रहे हैं।

मोतिहारी के आसमान में नौ विमान जब एक साथ सटीक फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे और तिरंगे के रंग बिखेरेंगे, तो यह दृश्य शहरवासियों के लिए यादगार बनने वाला है। खासकर युवाओं के लिए यह भारतीय वायु सेना की कार्यशैली, उच्च प्रशिक्षण और अनुशासन को करीब से महसूस करने का अवसर होगा।

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