पूर्वी चंपारण [जेएनएन]। सुबह-सुबह बिहार में छह लोगों की मौत हो गई। पूर्वी चंपारण के बनकटवा प्रखंड की जीतपुर पंचायत के बेला जीतपुर गांव में गुरुवार की सुबह एक शौचालय की टंकी में दम घुटने के कारण एक ही परिवार के आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई। चार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि दो की इलाज के लिए लाए जाने के बाद छौड़ादानो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हो गई।

बताया गया है कि बेला जीतपुर निवासी दिनेश महतो के घर में शौचालय की नई टंकी बनी थी। गुरुवार की सुबह उनका पुत्र मोहन महतो (राज मिस्त्री) टंकी के छत की शटरिंग खोलने के लिए टंकी के अंदर गया। लेकिन, जाने के दस मिनट बाद तक वह बाहर नहीं आया।

पुत्र मोहन के बाहर नहीं आने के बाद पिता दिनेश भी टंकी के अंदर गए वे भी अंदर फंस गए। दोनों जब बाहर नहीं आए तो दिनेश की पत्नी पुत्र व पति को देखने वहां गईं और वह भी टंकी के अंदर लगी सीढ़ी से अंदर गईं। वह भी फंस गईं। फिर दिनेश का दूसरा पुत्र बसंत कुमार भी मां-पिता और भाई को देखने गया।

ये चारों जब नहीं लौटे तो परिवार में कोहराम मच गया। इतने में दिनेश का चचेरा भाई पन्नालाल महतो का पुत्र सचिन और पड़ोसी चोकट मुखिया का पुत्र सरोज मुखिया अंदर गए। एक-एक कर सभी एक दूसरे को बचाने के लिए टंकी में ना-समझी में प्रवेश करते गए और अंदर आॅक्सीजन की कमी के कारण दम घुट गया और चार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि दो अस्पताल में आने के बाद दम तोड़ गए। 

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने बच्चे सहित सभी को निकाला और छौड़ादानो प्राथमिक केंद्र ले गये इसके बाद अस्पताल में चिकित्सक व आॅक्सीजन नहीं मिलने से नाराज लोगों ने जमकर बवाल काटा। अस्पताल में तोड़-फोड़ की और शव को अस्पताल के सामने छौड़ादानो-बनकटवा मुख्य पथ पर रखकर आगजनी कर जाम कर दिया। लोग अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी करने लगे।

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर सिकरहना एसडीओ ज्ञान प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक आलोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की ओर लगातार भीड़ बेकाबू होती चली गई। लोग जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़े थे।

लोगों का कहना था कि मरे हुए लोगों के आश्रितों को सरकारी सहायता दिलाई जाए और अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस बीच मौके की सूचना पर नरकटिया के विधायक डा. शमीम अहमद मौके पर पहुंचे हैं और पीड़ित लोगों को समझाने में लगे। काफी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका।  

आॅक्सीजन की कमी के कारण हुई मौत की होगी जांच 

इतनी बड़ी घटना के पीछे शौचालय टंकी में प्रवेश करने के पहले की जानेवाली तैयारी अधूरी रही और जहरीली गैस से अनजान लोग बारी-बारी से टंकी में प्रवेश करते गए और एक साथ छह लोगों की मौत आॅक्सीजन की कमी के कारण हो गई। इस बीच ग्रामीणों का आरोप है कि चार ही लोगों ने मौके पर दम तोड़ा था।

दो लोगों की सांसे चल रहीं थीं। उन्हें अस्पताल लाया गया। लेकिन, यहां न तो चिकित्सक मिले नहीं आॅक्सीजन ही मिला। मामले में सिविल सर्जन डा. बीके सिंह ने बताया कि अस्पताल में आॅक्सीजन होना चाहिए।। चिकित्सकों की आॅन-ड्यूटी रहना चाहिए। इस मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। 

सीओ ने तैयार की डिटेल रिपोर्ट 

एक साथ छह लोगों की मौत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। बनकटवा के अंचल अधिकारी रणणधीर कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटना के कारण व मरनेवालों व उनके परिवार के बारे में विस्तार से जानकारी ली है। बताया गया है कि सामूहिक मौत की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी गई है। ताकि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाई जा सके। 

मरनेवालों की सूची 

दिनेश महतो- (गृहस्वामी)  

मोहन महतो- पिता- दिनेश महतो।

बचनी देवी- पति- दिनेश महतो।

बसंत कुमार- पिता दिनश महतो।

सचिन कुमार- पिता पन्नालाल महतो।

सरोज मुखिया- पिता- चोकट महतो।  

नोट :- सभी बनकटवा प्रखंड के बेला जीतपुर पंचायत के निवासी थे। 

By Kajal Kumari