रक्सौल में पंचायत परिसीमन की कवायद तेज, दोगुनी होंगी पंचायतों की संख्या
रक्सौल में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इससे प्रखंड में ...और पढ़ें

रक्सौल में पंचायत परिसीमन की कवायद तेज, दोगुनी होंगी पंचायतों की संख्या (AI Generated Image)
HighLights
रक्सौल में पंचायत परिसीमन प्रक्रिया आगामी चुनाव से पहले तेज।
प्रखंड में पंचायतों की संख्या 13 से बढ़कर 26 होने की संभावना।
नए मानकों के अनुसार मुखिया, सरपंच, जिप सदस्य क्षेत्रों का निर्धारण।
नूतनचंद्र त्रिवेदी, रक्सौल। बिहार में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत आम चुनाव से पहले पंचायतों और वार्डो के नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके साथ ही प्रशासनिक महकमों व ग्रामीण सियासत में सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का कार्य करा रहा है।
संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर निर्धारित डेटा आयोग के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने का निर्देश दिया था। इस प्रक्रिया से प्रखंड में पंचायतों की मौजूदा संख्या 13 से बढ़कर करीब 26 तक पहुंचने की संभावना है।
बता दें कि परिसीमन का काम संपन्न होने के साथ ही त्रिस्तरीय व्यवस्था के तहत जिला परिषद सदस्य, मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, ग्राम कचहरी पंच के निर्वाचन क्षेत्रों का पूरा भाैगोलिक स्वरूप व सियासी नक्शा बदल जाएगा।
सात हजार पर मुखिया व 50 हजार पर जिप सदस्य का तय हो सकता है दायरा
प्रस्तावित नए प्रशासनिक मानकों के अनुसार अब लगभग सात से आठ हजार की आबादी पर एक मुखिया व इतनी ही जनसंख्या पर एक सरपंच का निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित करने की तैयारी है।
वहीं, पांच हजार की जनसंख्या पर एक पंचायत समिति सदस्य व 50 हजार की आबादी पर एक जिला परिषद सदस्य का दायरा तय किया जा सकता है। इससे पंचायत के वार्ड से लेकर जिला परिषद क्षेत्र की संख्या बढ़ जाएगी।
वार्ड सदस्य व पंच पदों का गठन संबंधित क्षेत्र की स्थानीय जनसंख्या के घनत्व व बसावट के अनुपात में किया जाएगा। साथ ही जनसंख्या के नए संतुलन के आधार पर पंचायतों की सीमाओं व सीमाओं की चौहद्दी का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
सिसवा पंचायत में नहीं है फेरबदल का अनुमान
प्रखंड क्षेत्र में अभी 13 पंचायतें हैं। परिसीमन के बाद इसकी संख्या 25 से 30 के बीच होने की संभावना है। प्रखंड के एक मात्र नौ वार्ड वाली सिसवा पंचायत में किसी तरह के फेरबदल हाेने का अनुमान नहीं है। पंचायत चुनाव फरवरी 2027 में होने की चर्चा है।
वहीं, अधिकारी फरवरी या अप्रैल व मई में चुनाव होने की संभावना व्यक्त कर रहे है। वर्ष 2011 की जनगणना में लगभग 30 प्रतिशत वृद्धि जोड़कर पंचायतों का परिसीमन तय किया गया है। नए पंचायत की रूपरेखा को लेकर वर्तमान मुखिया, समिति सदस्यों, जिप सदस्यों की बेचैनी बढ़ने लगी है।
वर्ष 2011 के आधार पर पंचायतवार जनसंख्या
| पंचायत | जनसंख्या |
|---|---|
| धनगढ़वा कौड़ीहार | 13,323 |
| हरदिया | 14,742 |
| हरनाही | 13,282 |
| जोकियारी | 13,631 |
| लक्ष्मीपुर लछुमनवा | 13,121 |
| पलनवा जगधर | 13,509 |
| परसौना तपसी | 18,183 |
| लौकरिया | 11,801 |
| पुरंदरा | 14,750 |
| भेलाही | 12,848 |
| सिसवा | 8,853 |
| नोनियाडीह | 12,528 |
| पनटोका | 16,911 |
वर्तमान जनसंख्या के आधार पर पंचायतों की संख्या बढ़ाने को लेकर परिसीमन तय कर किया गया है। पंचायतों की संख्या लगभग दोगुनी होने की संभावना है। यह प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वरीय अधिकारी के निर्णय के बाद इसकी आधिकारिक घोषण की जाएगी। - राजू कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, रक्सौल
