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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऑपरेशन बाद फर्श पर मरीज

By JagranEdited By:
Published: Sat, 23 Dec 2017 12:27 AM (IST)

चकिया रेफरल अस्पताल में जानवरों की तरह मरीज को रखा जा रहा हैं।

ऑपरेशन बाद फर्श पर मरीज
ऑपरेशन बाद फर्श पर मरीज

मोतिहारी। चकिया रेफरल अस्पताल में जानवरों की तरह मरीज को रखा जा रहा हैं। इसका ताजा नमूना शुक्रवार को देखने को मिला। जब दर्जन भर महिलाओं को आपरेशन के बाद जमीन पर लिटा दिया गया। इस स्थिति से मरीजों के परिजन आक्रोशित हो गए। शुक्रवार को अस्पताल में करीब दो दर्जन महिलाओं का बंध्याकरण किया गया था। बंध्याकरण के बाद महिलाओं को बेड तक नसीब नहीं हुआ। उन्हें पुरानी एवं गंदी दरी पर सोना पड़ा। परिजनों में धनश्याम पकड़ी निवासी मदन पासवान,पठखौलिया निवासी रंजन पंडित, भेरखिया निवासी सि¨चद्र साह, मेदन सीरसिया निवासी सुनील साह, पैठनीया निवासी लड्डू साह ने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल होने के बावजूद मरीजों के लिए यहां कोई सुविधा नहीं है। ऑपरेशन के बाद मरीजों को भेड़ बकरी की तरह फर्श पर रखा गया है। मरीज संजू देवी, ममता देवी, रंजू देवी, आरती देवी, लालती देवी सहित करीब डेढ दर्जन महिलाओं को फर्श पर सोना पड़ा है। इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सक राजीव रंजन ने बताया कि अस्पताल में दस ही बेड उपलब्ध हैं। अधिक महिलाओं का ऑपरेशन होने से परेशानी हो गई है।