मोतिहारी में 8 साल की बच्ची से दरिंदगी मामले में कोर्ट का फैसला, दोषी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा
मोतिहारी में दुष्कर्म व पाक्सो कोर्ट-3 ने आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी कुन्नू को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को सजा।
20 वर्ष का सश्रम कारावास और 20 हजार अर्थदंड।
मोतिहारी पाक्सो कोर्ट-3 ने सुनाया फैसला।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। दुष्कर्म व पाक्सो कोर्ट- 3 के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने आठ वर्षीय बच्ची को घर से उठाकर ले जाने, मारपीट कर उसके साथ दुष्कर्म करने मामले में दोषी अभियुक्त को 20 वर्षों के सश्रम कारावास एवं बीस हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड नहीं देने पर पंद्रह दिनों की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा मधुबन थाना क्षेत्र के कोईलहरा मठ निवासी कृष्णनाथ सहनी के पुत्र कुन्नू को हुई है।
मामले में पीड़िता के बयान पर मधुबन थाना कांड संख्या 95/2021 दर्ज हुई थी। अभियोजन के अनुसार, घटना 8 अप्रैल 2021 की रात करीब नौ बजे की है।
आठ वर्षीय बच्ची अपने भाई के साथ घर में सो रही थी। उसी दौरान नामजद अभियुक्त वहां पहुंचा और बच्ची का मुंह बंद कर उसे जबरन गेहूं के खेत में ले गया, जहां उसके साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया।
खून से लथपथ पहुंची थी घर
जिससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हालत में किसी तरह चिल्लाते हुए घर पहुंची। स्वजन गंभीर हालत में उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुबन ले गए।
वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, मोतिहारी भेज दिया।
इलाज के दौरान स्वास्थ्य में सुधार होने पर 11 अप्रैल 2021 को तत्कालीन अस्पताल कैंप प्रभारी आरती ठाकुर ने पीड़िता का बयान दर्ज किया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
अनुसंधान के बाद अभियुक्त के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में समर्पित किया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अभियोजन पक्ष की ओर से करीब आधा दर्जन गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई।
न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्य एवं दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए धारा 323 भादवि एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के तहत 20 वर्षों के सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
