मोतिहारी। मनुष्य व जीव दोनों के लिए मिट्टी जरूरी है। हमारा कर्तव्य बनता है कि हम इसे स्वस्थ रखे। खेती योग्य भूमि में पोषक तत्वों की मात्रा जरूरत के हिसाब से दें। इसके लिए किसानों के बीच जागरूकता लानी होगी। उक्त बातें जिला कृषि विभाग के तत्वाधान में कृषि विज्ञान केंद्र पीपराकोठी में समेकित उर्वरक प्रबंधन को आयोजित 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के समापन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ. एमएस कुंडू ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि हमें खेती को आधुनिक तकनीक से करने की जरूरत है। इसके पूर्व डॉ. कुंडू, पूसा के नोडल पदाधिकारी डॉ. बीएन शाही, बीएओ डॉ. ओंकारनाथ सिंह, निदेशक आत्मा रणवीर सिंह, डीएचओ डॉ. श्रीकांत, केविके के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अरविद कुमार ने संयुक्त रूप से प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दे उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। वही केविके प्रमुख डॉ. अरविद सिंह ने मशरूम उत्पादन, जैविक खाद, मधुमक्खी पालन, सामेकित खेती आदि विषयों पर प्रकाश डाला हैं। अध्यक्षता केविके प्रमुख डॉ. अरविद कुमार कर रहे थे। मौके पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र रजक, आशीष राय, डॉ. अंशु गंगवार, मौषम वैज्ञानिक नेहा पारिक, प्रक्षेत्र प्रबंधक मनीष यादव, आनंद, बांस वैज्ञानिक डॉ. पुलोक मंडल मौजूद थे। वहीं प्रशिक्षु के चंदन कुमार, मासूमा खातून, राकेश कुमार, राहुल कुमार, राजीव रंजन कुमार, मधुरंजन कुमार, उपेंद्र कुमार, संतोष कुमार, ईश्वरचंद्र कुमार, शशिभूषण कुमार, रामभरोस कुमार, सुरेश प्रसाद, राजकुमार प्रसाद सहित अन्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस