यूट्यूब देखकर घर में हथियार बना रहे थे पिता-पुत्र, देसी कट्टे व कारतूस के साथ मोतिहारी पुलिस ने किया गिरफ्तार
मोतिहारी के रघुनाथपुर में पुलिस ने घर में अवैध हथियार बनाने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। यूट्यूब से हथियार ...और पढ़ें

देसी कट्टे व कारतूस के साथ गिरफ्तार (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
संवाद सहयोगी, मोतिहारी। जिले के रघुनाथपुर थानाक्षेत्र की गंडक कालोनी से घर में अवैध हथियार बनानेवाले पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के बाद अवैध हथियार के बाजार के एक नए नेटवर्क का पता लगाया है।
नवनिर्मित मकान में छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो देसी कट्टे (तमंचा), तीन अर्द्धनिर्मित कट्टा, कार्बाइन जैसा आधा बना एक हथियार, पांच जिंदा कारतूस वर हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद जब्त किए। इसी के साथ पुलिस ने मौके से हरेंद्र शर्मा और उसके पुत्र प्रिंस कुमार को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार प्रिंस कुमार ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि यूट्यूब देखकर उसने प्राण घातक हथियार बनाने का तरीका सीखा। हथियार बनाकर बेचने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच पिता पुत्र की गिरफ्तारी हो गई। पुलिस ने रघुनाथपुर से जिले के अन्य हिस्सों में फैले अवैध हथियार के नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी हासिल करने के बाद आगे की जांच शुरू की है।
इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ वीडियो तो सामने आई पिता-पुत्र की कहानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरी कहानी का पता तब चला जब इंटरनेट मीडिया पर इससे संबंधित एक एक वीडियो प्रसारित हुआ। 25 अक्टूबर को तुरकौलिया थानाध्यक्ष रंजीत कुमार को वीडियो मिला। वीडियो में एक व्यक्ति विश्वकर्मा पूजा के दौरान हथियार के साथ पूजा करता दिखा।
वीडियो की जांच के बाद व्यक्ति की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के जयसिंहपुर घरबारी टोला निवासी हरेंद्र शर्मा के रूप में हुई। जांच करतेे-करते पुलिस रघुनाथपुर की गंडक कालोनी स्थित शर्मा के नए मकान में पहुंची। तलाशी के दौरान हथियारों के साथ एक चाकू, लकड़ी के बेंट वाली दो हथौड़ियां, एक बड़ा प्लास, लोहे की कटर मशीन और चार मोबाइल फोन भी बरामद किया गया था।
मोबाइल फोन व पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की जांच
पुलिस के अनुसार पूछताछ में हरेंद्र शर्मा ने यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर हथियार बनाने की जानकारी के साथ ही कई अन्य तथ्यों की भी जानकारी दी है। उससे मिली जानकारी और उसके ठिकाने से जब्त सेलफोन से मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों का यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था। तैयार हथियारों की आपूर्ति किन लोगों को की जाती थी।
मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की भी जांच चल रही है। पुलिस का दावा है कि शीघ्र इस नए गिरोह का भी पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
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