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पाकिस्तान आतंकी कनेक्शन से जुड़ा तार, पूर्वी चंपारण के ढाका का युवक गिरफ्तार

By Satyendra KumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Sun, 27 Sep 2026 04:29 PM (IST)

पूर्वी चंपारण में पुलिस ने क्रॉस-बॉर्डर आतंकी नेटवर्क से कथित डिजिटल संपर्क के आरोप में एक युवक सेराज आलम को ...और पढ़ें

पूर्वी चंपारण में पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

पूर्वी चंपारण में पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

HighLights

  1. पूर्वी चंपारण में क्रॉस-बॉर्डर आतंकी नेटवर्क से जुड़े युवक की गिरफ्तारी।

  2. गिरफ्तार सेराज आलम के मोबाइल में आतंकी सामग्री और संदिग्ध संपर्क।

  3. पुलिस पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से लिंक की जांच कर रही।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) । पूर्वी चंपारण में पुलिस ने क्रास बोर्डर आतंकी नेटवर्क से कथित डिजिटल संपर्क के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ढाका थाना क्षेत्र के बिसरहिया गांव में शनिवार की देर रात छापेमारी कर पुलिस ने 22 वर्षीय सेराज आलम को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार, उसके पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संपर्क की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद बरामद मोबाइल फोन की सामग्री और संदिग्ध के डिजिटल संपर्क पुलिस जांच के केंद्र में हैं।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय के नेतृत्व में टीम ने 26 सितंबर की रात बिसरहिया गांव के समीप छापेमारी की।

पुलिस वाहन को देखते ही एक युवक भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान बिसरहिया निवासी सेराज आलम, पिता समसुल हक के रूप में हुई।

मोबाइल खुला तो सामने आया डिजिटल कनेक्शन

तलाशी के दौरान सेराज के पास से एक रेडमी 5जी एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक मोबाइल में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े वीडियो, फोटो और कथित देशविरोधी रील्स मौजूद थीं।

पूछताछ में पुलिस को यह जानकारी मिली कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुर्जर के संपर्क में था। अब पुलिस मोबाइल और इंटरनेट मीडिया संपर्कों के आधार पर पूरे डिजिटल नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

डीआईयू भी जांच में जुटी

कार्रवाई में सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार, ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय, अपर थानाध्यक्ष मो. खलील तथा डीआईयू मोतिहारी के पुलिस अवर निरीक्षक राहुल कुमार और कृष्णमोहन कुमार सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार युवक के डिजिटल संपर्क कितने लोगों तक फैले हैं और बरामद मोबाइल में मौजूद सामग्री का वास्तविक स्वरूप क्या है।

हालांकि, उपलब्ध पुलिस विज्ञप्ति में किसी आतंकी घटना को अंजाम देने में उसकी प्रत्यक्ष भूमिका या किसी हमले की साजिश का कोई अलग विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल मामला पुलिस की जांच और डिजिटल साक्ष्यों के सत्यापन के स्तर पर है।

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