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पूर्वी चंपारण में खुद के अपहरण की रची कहानी, मां के साथ मिलकर छिपा था परिचित के घर, गिरफ्तार

Published: Wed, 23 Sep 2026 07:21 PM (IST)

पूर्वी चंपारण में एक युवक ने मारपीट के मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी मां के साथ मिलकर खुद के अपहरण की झूठी कहानी रची।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. युवक ने मारपीट से बचने के लिए अपहरण का नाटक किया।

  2. मां के साथ मिलकर परिचित के घर में छिपा था दिलखुश।

  3. पुलिस ने तकनीकी जांच से मां-बेटे को गिरफ्तार किया।

संवाद सहयोगी, हरसिद्धि  (पूर्वी चंपारण)। थाना क्षेत्र के पैठानपट्टी गांव निवासी 19 वर्षीय दिलखुश कुमार के कथित अपहरण का मामला पुलिस जांच में झूठा निकला।

पुलिस के अनुसार, मारपीट के एक मामले में गिरफ्तारी के डर से दिलखुश ने अपनी मां संजू देवी के साथ मिलकर खुद के अपहरण की कहानी रची थी।

पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर उसे पहाड़पुर थाना क्षेत्र में एक परिचित के घर से मुक्त करा लिया। मामले में दिलखुश कुमार और उसकी मां संजू देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि 21 सितंबर की रात संजू देवी ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उनके पुत्र दिलखुश कुमार का ओलहा पेट्रोल पंप के पास से बाइक समेत अपहरण कर लिया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच में दिलखुश के मोबाइल का अंतिम लोकेशन पहाड़पुर थाना क्षेत्र में मिला।

इसके बाद मोबाइल स्विच आफ हो गया। जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि कथित अपहरण की घटना से दो दिन पहले 19 सितंबर को दिलखुश और उसकी मां का पट्टीदार भूलेन साह की पत्नी पन्ना देवी से विवाद हुआ था।

आरोप है कि इस दौरान पन्ना देवी के सिर में चोट लगी थी। पुलिस के अनुसार, उस समय दूसरे पक्ष ने थाने में तत्काल कोई आवेदन नहीं दिया था।

तकनीकी जांच और संदिग्ध ठिकानों की निगरानी के दौरान पुलिस को दिलखुश के एक परिचित के घर में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने 22 सितंबर को वहां छापेमारी कर उसे मुक्त कराया गया।

गिरफ्तारी के डर से रची साजिश

थाने में पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार, दिलखुश ने स्वीकार किया कि मारपीट में पन्ना देवी के सिर में चोट लगी थी। उसे आशंका थी कि इस मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इसी डर से उसने अपनी मां के साथ मिलकर अपहरण की झूठी कहानी तैयार की।

पुलिस का कहना है कि कथित साजिश का उद्देश्य दूसरे पक्ष को फंसाना और पुलिस का ध्यान मारपीट की घटना से हटाना था।

पन्ना देवी के आवेदन पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर दिलखुश कुमार और संजू देवी को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले का खुलासा तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर हुआ।

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