विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूर्वी चंपारण में अनुकंपा पर नौकरी दिलाने के बहाने सास और बहू का यौन शोषण, दोषी को 20 साल की सजा

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:04 PM (IST)

Motihari Sexual Exploitation Case: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में नौकरी का झांसा देकर सास-बहू का यौन शोषण करने वाले दोषी ...और पढ़ें

न्यायालय ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

न्यायालय ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 

HighLights

  1. नौकरी का झांसा देकर सास-बहू का यौन शोषण।

  2. दोषी निशांत राज को 20 साल का सश्रम कारावास।

  3. वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप सिद्ध हुआ।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Motihari Sexual Exploitation Case: पाक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर सास-बहू का यौन शोषण करने के मामले में नामजद अभियुक्त को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय ने अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को 15 दिनों की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

मेहसी के आरोपित को सजा

सजा मेहसी थाना क्षेत्र के चकलालू छोटा निवासी राजबाबू उर्फ मोतीउर्रहमान के पुत्र निशांत राज उर्फ निशांत रेजा को हुई है। मामले को लेकर छतौनी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

प्राथमिकी के अनुसार, पीड़िता के पुत्र की मृत्यु के बाद वह अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाने के लिए प्रयास कर रही थी।

इसी दौरान उसकी मुलाकात नामजद अभियुक्त से हुई। अभियुक्त ने स्वयं को तरंग मीडिया का संपादक बताते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।

आरोप है कि नौकरी का काम कराने का झांसा देकर अभियुक्त ने पीड़िता और उसकी पुत्रवधू को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

वीडियो बनाकर ब्लैकमेल का आरोप

आरोप के अनुसार, अभियुक्त ने दोनों के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लगातार यौन शोषण करता रहा। साथ ही उसने पांच लाख रुपये की मांग की।

राशि नहीं देने पर पीड़िता के दूसरे पुत्र और पुत्रवधू की हत्या कर देने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था।

मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने अभियोजन पक्ष की ओर से छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई।

छह की हुई गवाही

सत्र वाद में विचारण के दौरान न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को भादवि की धारा 376(2) के तहत दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

न्यायालय ने निर्देश दिया कि अभियुक्त द्वारा कारागार में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा की अवधि में किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- पटना में पार्सल के बहाने 12वीं के छात्र का अपहरण, अप्राकृतिक दुष्कर्म की कोशिश; अश्लील वीडियो भी बनाया