मोतिहारी। राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान के जिला संयोजक राजू बैठा ने कहा है कि एससी-एसटी मामले में अभियुक्तों को धारा 41(ए) का लाभ देने वाले अधिकारी भी जेल जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिहार सहित देश के अन्य राज्यों में भी कुछ मामलों में अभियुक्तों को उक्त प्रावधान का लाभ दिया जा रहा था। लेकिन एससी-एसटी एमेंडमेंट एक्ट 2018 लागू होने के बाद बिहार के अलावा अन्य राज्यों में 41(ए) का लाभ दिये जाने के मामले प्रकाश में नहीं आ रहे हैं। श्री बैठा कहा कि पुलिस की उक्त कार्रवाई एससी-एसटी एक्ट की धारा 04 के अंतर्गत संज्ञेय श्रेणी का अपराध है। उन्होंने बताया कि उक्त अधिनियम का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों को छह माह से एक वर्ष तक की सजा हो सकती है। उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में अभियुक्तों को 41(ए) का धड़ल्ले से लाभ दिए जाने पर अफसोस जताया तथा चेतावनी भरे लहजे में कहा कि संबंधित अधिकारियों द्वारा यदि उक्त प्रकार की कार्रवाई बन्द नहीं की जाती है तो बाध्य हो कर राष्ट्रीय दलित मानवाधिकार अभियान उनके खिलाफ पटना हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेगा।

Posted By: Jagran

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