Bihar News : नवरात्र में ट्रेन के भीतर आई नन्ही परी, महिला यात्रियों और रेलवे पुलिस ने पेश की इंसानियत की मिसाल
शारदीय नवरात्र के दौरान जननायक एक्सप्रेस में एक महिला ने चकिया स्टेशन के पास बच्ची को जन्म दिया। महिला यात्रियों ...और पढ़ें

अनुमंडलीय अस्पताल में जच्चा बच्चा के साथ रेल पुलिस।
HighLights
ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा, बच्ची का जन्म।
महिला यात्रियों ने की मदद, रेलवे पुलिस तत्पर।
मां और नवजात बच्ची दोनों स्वस्थ, मानवीय मिसाल।
संवाद सहयोगी, चकिया (पूर्वी चंपारण)। सफर जारी था, अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई और कुछ ही देर में ट्रेन के भीतर नन्ही किलकारी गूंज उठी। मुश्किल की इस घड़ी में महिला यात्रियों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया तो रेलवे पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए मां और नवजात को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
शारदीय नवरात्र के दौरान चकिया रेलवे स्टेशन पर सामने आई यह घटना मानवीय संवेदना और आपसी सहयोग की मिसाल बन गई। चिकित्सकों के अनुसार, प्रसूता और नवजात बच्ची दोनों स्वस्थ हैं।
अमृतसर से मुजफ्फरपुर जा रही थी महिला
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर की देर रात शिवहर जिले के पिपराही थाना क्षेत्र के कलुआ टिकहा गांव, वार्ड संख्या 14 निवासी शिवेश कुमार अपनी गर्भवती पत्नी अंजलि कुमारी के साथ अमृतसर से मुजफ्फरपुर जा रहे थे।
दोनों जननायक एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15212) में सवार थे। सफर के दौरान चकिया स्टेशन पहुंचने से पहले अंजलि को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इससे ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच चिंता की स्थिति उत्पन्न हो गई।
महिला यात्रियों ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ट्रेन में मौजूद महिला यात्रियों ने अंजलि की मदद शुरू की। उनकी सहायता के बीच ही महिला ने बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान यात्रियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रसव में सहयोग किया। ट्रेन में बच्ची की किलकारी गूंजते ही परिवार को राहत मिली।
रेलवे पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस के उपनिरीक्षक राजेश कुमार झा ने कांस्टेबल योगेन्द्र यादव, जीआरपी और सीएए के साथ आवश्यक कदम उठाए। उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। इसके बाद प्रसूता और नवजात को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों की स्वास्थ्य जांच की गई।
मां और बच्ची दोनों स्वस्थ
चिकित्सकों के अनुसार, अंजलि और उनकी नवजात बच्ची की स्थिति सामान्य है। समय पर मिली सहायता से दोनों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकी।
नवरात्र के दौरान सामने आई इस घटना में महिला यात्रियों की संवेदनशीलता और रेलवे पुलिस की तत्परता ने मानवता की मिसाल पेश की। मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ देने की यह पहल लोगों के लिए प्रेरणादायक बनी हुई है।
