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बिहार के सरकारी शिक्षकों को अब नहीं करना होगा वेतन का इंतजार, मास्टर डाटा से आसान होगी प्रक्रिया

Published: Wed, 14 Oct 2026 04:36 PM (IST)

HRMS Bihar Teachers: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के वेतन भुगतान को त्वरित और पारदर्शी बनाने के लिए 'मास्टर डाटा' ...और पढ़ें

शिक्षकों की विद्यालयवार, कोटिवार और वर्गवार प्रमाणित विवरणी निर्धारित प्रपत्र में जमा कराने का आदेश दिया गया है।

शिक्षकों की विद्यालयवार, कोटिवार और वर्गवार प्रमाणित विवरणी निर्धारित प्रपत्र में जमा कराने का आदेश दिया गया है।

HighLights

  1. शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए मास्टर डाटा बनेगा।

  2. एचआरएमएस पोर्टल से वेतन प्रविष्टि होगी आसान।

  3. तीन दिनों में मांगी गई शिक्षकों की विवरणी।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। Motihari Teachers News: पूर्वी चंपारण समेत पूरे बिहार में कार्यरत सभी कोटि के शिक्षकों को वेतन भुगतान के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

शिक्षा विभाग ने भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जिले के सभी कार्यरत शिक्षकों का एक विस्तृत और शुद्ध 'मास्टर डाटा' तैयार किया जाएगा, जिससे एचआरएमएस (HRMS) पोर्टल पर वेतन प्रविष्टि आसानी से हो सकेगी।

3 दिनों में मांगी गई विवरणी

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ब्रजेश कुमार ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।

डीपीओ ने सभी बीईओ को तीन दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के शिक्षकों की विद्यालयवार, कोटिवार और वर्गवार प्रमाणित विवरणी निर्धारित प्रपत्र में जमा कराने का आदेश दिया है, ताकि मास्टर डाटा जल्द तैयार किया जा सके।

प्रधानाध्यापक करेंगे सत्यापन

जारी निर्देश के अनुसार, सभी संबंधित विद्यालयों के प्रधान (एचएम) अपने स्कूल में कार्यरत शिक्षकों के सभी अभिलेखों का मूल दस्तावेजों से मिलान करेंगे और स्वयं सत्यापित करेंगे।

यदि मास्टर डाटा में किसी प्रकार की त्रुटि के कारण एचआरएमएस पोर्टल पर तकनीकी बाधा आती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संबंधित बीईओ और विद्यालय प्रधान की तय की जाएगी।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि शिक्षकों की विवरणी और मास्टर डाटा तैयार करने में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सही और प्रमाणिक डेटा अपलोड होने के बाद एचआरएमएस के जरिए शिक्षकों के खाते में बिना किसी अड़चन और देरी के समय पर वेतन का भुगतान संभव हो सकेगा।

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