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अफसर बनने का सपना मन में संजोये दुनिया से विदा हो गई पूर्वी चंपारण की सुरभि

Published: Tue, 13 Oct 2026 06:25 PM (IST)

अफसर बनने का सपना देखने वाली सुरभि की मोतिहारी में परीक्षा देने जाते समय सड़क हादसे में मौत हो गई। ...और पढ़ें

छात्रा सुरभि की फाइल फोटो।

छात्रा सुरभि की फाइल फोटो।

HighLights

  1. सुरभि का अफसर बनने का सपना अधूरा रह गया।

  2. मोतिहारी परीक्षा देने जाते समय सड़क हादसे में मौत।

  3. पिता राम एकबाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हुए।

संवाद सहयोगी, तेतरिया (पूर्वी चंपारण)। आंखों में अफसर बनने का सपना था, मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना और परिवार को गर्व महसूस कराने की उम्मीद।

सुरभि ने भी अपने सुनहरे भविष्य के लिए कई सपने संजोए थे। उसे क्या पता था कि मंजिल तक पहुंचने से पहले ही जिंदगी का सफर थम जाएगा।

जिस बेटी को परिवार अफसर की कुर्सी पर बैठे देखने का सपना देख रहा था, वह आज सबको नम आंखों से अलविदा कह गई। बिहार की सुरभि की विदाई ने पीछे छोड़ दिए कई सवाल, अधूरे सपने और परिवार के लिए कभी न भरने वाला दर्द।

सुरभि की सड़क हादसे में मौत की खबर झकझोर कर रख दिया

स्नातक फोर्थ सेमेस्टर की परीक्षा देने मोतिहारी जा रही छात्रा सुरभि की मंगलवार को सड़क हादसे में मौत की खबर ने स्वजनों को झकझोर कर रख दिया। शुरू से पढ़ाई में मेधावी रही सुरभि के मन में अफसर बनकर परिवार का नाम रोशन करने का सपना था। लेकिन नियति को यह मंजूर नहीं था।

इस सपने को मन में संजोए मंगलवार को वह दुनिया से रूखसत हो गई। उसका शव घर आते ही कोहराम मच गया। इस हादसे में बाइक चला रहे उसके पिता राम एकबाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

चकिया के पास तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से हुए इस हादसे की खबर मिलते ही राजेपुर थाना क्षेत्र के सलेमपुर और रानीपट्टी गांव में मातम छा गया।

जानकारी के अनुसार, भुआलीडीह प्राथमिक विद्यालय में नियोजित शिक्षिका राजकुमारी की पुत्री सुरभि अपने पिता के साथ बाइक से मोतिहारी स्थित एमएस कालेज में परीक्षा देने जा रही थी। इसी दौरान चकिया के पास तेज रफ्तार कंटेनर ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।

हादसे में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पोस्टमार्टम के बाद छात्रा का शव रानीपट्टी गांव पहुंचते ही स्वजनों में चीख-पुकार मच गई।

मां राजकुमारी रोते-रोते बदहवास हो गईं। बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका दो भाइयों और पांच बहनों में सबसे छोटी थी।

ग्रामीणों के अनुसार, राम एकबाल कुशवाहा मूल रूप से सलेमपुर वार्ड नंबर-12 के निवासी हैं। नवासा मिलने के बाद वह रानीपट्टी स्थित ससुराल में बस गए थे।

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