दिल्ली मेट्रो पर हमले की साजिश का पर्दाफाश, बिहार के युवक की गिरफ्तारी से खुली नई कड़ी
Delhi Metro Plot : मोतिहारी पुलिस ने दिल्ली मेट्रो को निशाना बनाने की कथित साजिश के आरोप में पूर्वी चंपारण ...और पढ़ें
HighLights
पूर्वी चंपारण से दिल्ली मेट्रो साजिश में संदिग्ध गिरफ्तार।
गिरफ्तार युवक का पाकिस्तान आतंकी नेटवर्क से संबंध सामने आया।
मोबाइल में आतंकी वीडियो, फोटो और देशविरोधी सामग्री मिली।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)।Terror Network : दिल्ली मेट्रो स्टेशन को निशाना बनाने की कथित साजिश का तार पूर्वी चंपारण के ढाका से जुड़ गया है। ढाका थाना पुलिस ने पाकिस्तान स्थित आपराधिक-आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवक मोहम्मद सैयाज आलम ने दिल्ली मेट्रो स्टेशन को उड़ाने की साजिश से जुड़ी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, पर्व-त्योहार के अवसर पर इस वारदात को अंजाम देने की योजना थी।
साजिश में उत्तर प्रदेश के दो युवकों के अलावा मधुबनी जिले के एक युवक के जुड़े होने की बात भी जांच में सामने आई है। गिरफ्तार सैयाज आलम ढाका थाना क्षेत्र के बिसरहिया गांव निवासी समसुल हक का पुत्र है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह पाकिस्तान स्थित आपराधिक-आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में है और इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय है।
सूचना के सत्यापन के बाद सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने बिसरहिया गांव के समीप घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास कर रहे सैयाज को टीम ने दबोच लिया।
मोबाइल में मिले आतंकी गतिविधियों से जुड़े वीडियो-फोटो
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपित की विधिवत तलाशी ली। उसके पास से रेडमी कंपनी का एंड्रायड स्मार्टफोन बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, मोबाइल की प्रारंभिक जांच में आतंकी गतिविधियों से संबंधित वीडियो, फोटो और देशविरोधी सामग्री व रील्स मिली हैं।
पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। जांच में इंटरनेट मीडिया पर हुए संपर्क, चैट, काल और अन्य डिजिटल गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में यह भी सामने आया कि सैयाज इंटरनेट मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुजर के संपर्क में था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच किस तरह का संपर्क था, कितने समय से संपर्क था और बातचीत में किन गतिविधियों को लेकर चर्चा हुई।
सेट बदला, नंबर ने खोल दिया राज
जांच में पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मोबाइल नंबर से मिला। पुलिस के अनुसार, सैयाज ने अपना सेलफोन सेट बदल लिया था, लेकिन पुराने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल जारी रखा।
तकनीकी जांच में इसी नंबर से जुड़े संपर्क और गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद संदिग्ध की गतिविधियों का सत्यापन किया गया और उसकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।
30 अगस्त को यूपी के दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद खुला नाम
इस मामले में उत्तर प्रदेश के दो युवकों को 30 अगस्त को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद सैयाज आलम का नाम जांच एजेंसियों के सामने आया। इसके बाद ढाका पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
जांच के क्रम में मधुबनी जिले के एक युवक का नाम भी सामने आया है। पुलिस अब सभी संदिग्धों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ रही है। पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है।
बरामद मोबाइल और उससे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर नेटवर्क की पूरी कड़ी तलाशने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली मेट्रो को निशाना बनाने की कथित योजना में किसकी क्या भूमिका थी, इसके लिए पुलिस संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय, अपर थानाध्यक्ष मोहम्मद खलील अख्तर और डीआईयू की टीम शामिल रही। मामले की जांच जारी है।
