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वैभव सूर्यवंशी की राह पर पूर्वी चंपारण की बेटी अक्षरा, रिकॉर्डतोड़ पारियों से बन गईं यूथ आइकॉन

Published: Wed, 04 Nov 2026 06:36 PM (IST)

Bihar Women Cricket Star:15 वर्षीय महिला क्रिकेटर अक्षरा गुप्ता अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और कड़ी मेहनत से बिहार का नाम रोशन ...और पढ़ें

मुंबई में भारतीय क्रिकेट के हिटमैन रोहित शर्मा से टिप्स लेतीं बिहार की नई सनीसनी अक्षरा गुप्ता। फोटो सौ. स्वयं

मुंबई में भारतीय क्रिकेट के हिटमैन रोहित शर्मा से टिप्स लेतीं बिहार की नई सनीसनी अक्षरा गुप्ता। फोटो सौ. स्वयं

शशिभूषण कुमार, जागरण। Akshara Women Cricket: क्रिकेट जगत में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती 15 वर्षीय युवा महिला क्रिकेटर अक्षरा गुप्ता आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं।

बिना किसी विशिष्ट संसाधन और महंगी कोचिंग के, सिर्फ अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने वुमंस क्रिकेट में बिहार का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

आज वह संघर्ष और सफलता की मिसाल बनकर नई पीढ़ी के लिए एक बड़ी यूथ आइकॉन बन चुकी हैं।

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अक्षरा ने सबसे कम उम्र में लगातार दो वर्षों तक चारों वर्ग का टूर्नामेंट खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम कर रक्सौल की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर कायम की है।

आज विभिन्न मंचों पर उसकी तुलना बिहार के ही समस्तीपुर के विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से की जा रही है।

अपनी असाधारण प्रतिभा के बल पर अक्षरा लगातार दूसरी बार बीसीसीआई द्वारा आयोजित टूर्नामेंट में अंडर-19 टीम की कप्तान चुनी गई है।

ऐतिहासिक पारी

भागलपुर में खेले गए बीसीए महिला अंडर-19 वन-डे ट्रॉफी के एक मुकाबले में अक्षरा ने कमाल कर दिया। उन्होंने मात्र 126 गेंदों पर 55 चौकों और 8 छक्कों की मदद से नाबाद 306 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर देश भर के क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

इसके अलावा भी उन्होंने कई शानदार पारियां खेलकर अपनी टीम को कई महत्वपूर्ण मैचों में जीत दिलाई है।

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बगीचे से शुरुआत

अक्षरा देश स्तर पर बीसीसीआई द्वारा आयोजित लगातार दो वर्षों तक चार-चार विभिन्न आयु वर्ग के टूर्नामेंट में शामिल होने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बनी हैं।

प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाफ मैदान पर पहली गेंद से ही रन बनाने की भूख रखने वाली अक्षरा ने साबित कर दिया है कि हौसला बुलंद हो तो घर का छोटा बगीचा भी वर्ल्ड चैंपियन बनने का रास्ता तय कर देता है। अक्षरा ने बताया कि क्रिकेट के लिए उन्होंने कोई पेशेवर कोचिंग नहीं ली है।

परिवार का साथ

घर के बगीचे से क्रिकेट की शुरुआत करने के बाद वह कभी-कभार प्रैक्टिस के लिए दिल्ली जाती रही हैं। अक्षरा की प्रतिभा को पहचान कर परिवार ने घर के समीप ही 22 गज की पिच तैयार कर उसे नेट्स से घेर दिया।

नियमित प्रैक्टिस के दौरान उनके चाचा राम कृपा गुप्ता उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाते थे, जबकि मां रीना देवी ने उनका पूरा ट्रेनिंग शेड्यूल संभाल रखा था। पिता राजकिशोर साह ने सीमित आय के बावजूद बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

छूटी परीक्षा

करियर के शुरुआती दौर में ही अक्षरा को कड़े संघर्षों और प्राथमिकताओं के बीच संतुलन बनाना पड़ा है। वर्ष 2026 में महत्वपूर्ण मैच के दौरान ही उनकी 10वीं की बोर्ड परीक्षा आ गई।

भुवनेश्वर में मैच आयोजित होने के कारण वह उस समय परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी थीं। हालांकि, इन चुनौतियों से डरे बिना उन्होंने इस बार फिर से 10वीं की परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है और खेल के साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं।

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हिटमैन से टिप्स

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक मैच के दौरान अक्षरा की मुलाकात भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा से हुई थी। इस दौरान उन्होंने हिटमैन से बल्लेबाजी की तकनीकी बारीकियों को गहराई से समझा।

रोहित शर्मा ने उन्हें बड़े टूर्नामेंटों में मानसिक एकाग्रता बनाए रखने और लंबे समय तक मैदान पर टिके रहने के बहुमूल्य टिप्स दिए थे। इसके अलावा वह अन्य दिग्गज खिलाड़ियों से भी मार्गदर्शन ले चुकी हैं।

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