दरभंगा, जागरण संवाददाता। रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल को बम से उड़ाने और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के परिवार के लोगों को नुकसान पहुंचाने की धमकी मामले का तार दरभंगा से जुड़ गया है। मुंबई पुलिस की सूचना पर दरभंगा पुलिस ने बुधवार की शाम मनीगाछी थानाक्षेत्र के ब्रह्मपुरा गांव में छापेमारी की। जहां से स्थानीय निवासी राकेश कुमार मिश्रा को दबोच लिया। उसके पास से एक मोबाइल को जब्त कर लिया गया है। पूरी कार्रवाई को नाटकीय ढंग से अंजाम दिया गया। किसी को कानो-कान खबर तक नहीं लगी। हालांकि, कुछ देर बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने गुरुवार को बताया कि मुंबई पुलिस से उन्हें राकेश की करतूत के विषय में सूचना मिली। मुंबई पुलिस ने राकेश का लोकेशन और नंबर मुहैया कराया।

दो बार दी गई थी धमकी

बताया गया कि इस नंबर से सुबह और शाम दो बार धमकी दी गई है। इसके बाद तकनीकी सेल की मदद से स्थानीय थाने की पुलिस ने छापेमारी की और राकेश को दबोच लिया । देर रात में मुंबई पुलिस पहुंची। इसके बाद कागजी कार्रवाई कर मुंबई पुलिस राकेश को अपने साथ ले गई। एसएसपी ने बताया कि राकेश के खिलाफ स्थानीय थाने कोई शिकायत दर्ज नहीं है। हालांकि, धमकी मामले में राकेश के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल हुआ है इसकी पुष्टि कर ली गई है। राकेश मानसिक रूप से बीमार है अथवा नहीं इस संबंध में उन्होंने कुछ बताने से परहेज किया। कहा-पूरे मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। इसमें कुछ कहना उचित नहीं होगा। दरभंगा पुलिस से सिर्फ सहयोग मांगा गया था। बता दें कि रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के लैंडलाइन पर बुधवार की सुबह और शाम दो काल आया था। इसमें फोन करने वाले ने अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी के साथ मुकेश अंबानी परिवार के कुछ लोगों का नाम लेकर नुकसान पहुंचाने की बात कही थी ।

नाटकीय ढंग से राकेश को किया गया गिरफ्तार

बताया जाता है कि बुधवार की शाम जिला पुलिस की एक टीम स्थानीय चौकीदार के माध्यम ब्रह्मपुरा गांव में छापेमारी की। इसमें सभी पुलिस अधिकारी चार-पांच बाइक से सवार होकर सादे लिवास में पहुंचे। राकेश के घर के पास सभी कुछ देर तक मंडराते रहे। लोगों ने जब जानकारी लेने की कोशिश की तो बताया गया कि यहां मंत्री का कार्यक्रम होने वाला है। सुरक्षा-व्यवस्था को चेक करने आए हैं। इसी बीच सभी अधिकारी राकेश के गेट पर पहुंचे। ग्रिल लगा हुआ देख एक अधिकारी ने फोन किया। इसी बीच राकेश फोन पर बात करते हुए ग्रिल खोला। नाम-पता पूछते ही पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर उसे दबोच लिया। कोई कुछ समझता उससे पहले सभी बाइक से रवाना हो गए।

पटना में रहकर की है पढ़ाई

बिहार इंटर काउंसिल में कर्लक पद पर तैनात सुनील कुमार मिश्रा के पुत्र राकेश की पढ़ाई-लिखाई पटना से हुई। पटना सेंट्रल स्कूल से मैट्रिक करने के बाद राकेश पटना में ही रहकर स्नातक की पढ़ाई की। इसके बाद वह यूपीएससी और बीपीएससी की तैयारी करने लगा। स्वजन अनुसार राकेश विगत दस वर्षों से मानसिक रूप से बीमार चल रहा है। इस कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर अलग रहती है। दवा खाने के बाद वह ठीक रहता है। लेकिन, दवा छोड़ने के साथ ही वह बीमार हो जाता है। इस बीच वह दवा खाने से आना-कानी करने लगा। थकहार स्वजन उसे गांव लेकर चले आए। इस कारण राकेश के पिता इंटर काउंसिल पटना से अपना तबादला कराकर दरभंगा शाखा में योगदान दिया। विगत एक साल राकेश अपने माता-पिता के साथ गांव में रहता था। छोटा भाई नेवी में कार्यरत है।

इंटरनेट से नंबर निकालकर धमकी देता था राकेश

राकेश की मां के अनुसार उनका पुत्र मानसिक रूप से बीमार है। विगत दस वर्षों से उसका इलाज चल रहा है। इंटरनेट के माध्यम से किसी का भी मोबाइल नंबर निकालकर वह धमकी दे देता था। इस क्रम में राकेश ने बुधवार को भी इंटरनेट से मोबाइल नंबर निकालकर धमकी देने का काम किया है।

Edited By: Ajit kumar

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