दरभंगा। बहादुरपुर थाने क्षेत्र के बाबू साहेब कॉलोनी में सोमवार को एक महिला के शव को ठिकाना लगाने से पहले पुलिस ने जब्त कर मृतका के ससुराल वालों के मंसूबे पर पानी फेर दिया। पुलिस ने मृतका के पति एवं देवर को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है कि महिला रविवार की रात्रि में फंदा से लटककर अपनी जान दे दी। इसके बाद उसके परिवार को लोगों ने फंदा से नीचे उतारा। डर के कारण घटना की जानकारी आस-पड़ोस के लोगों को भी नहीं दी। हालांकि, घटना की जानकारी मृतका की मां को दी गई जो रात्रि के तीन बजे में ही पहुंच गई। इसके बाद सुबह में अंदर ही अंदर शव को ठिकाना लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई। जिसकी भनक पुलिस को लग गई। मृतका की शिनाख्त स्थानीय मोहल्ला निवासी अरुण कुमार कर्मकार की पत्नी प्रीति कुमारी (27) के रूप में की गई है। गिरफ्तार लोगों में पति के अलावा देवर विजय कुमार कर्मकार शामिल है। मृतका की पुत्री ने पुलिस को बताया कि पापा और मम्मी के बीच झंझट हुआ था। लेकिन, आगे क्या हुआ इस संदर्भ में उसने कोई जानकारी नहीं दी। मृतका की मां सुनीता देवी ने कहा कि उसकी पुत्री पहले भी जहर खा ली थी। डीएमसीएच में भर्ती होने के बाद वह बच गई। कुछ दिन पहले वह 14 हजार रुपये का मोबाइल चूल्हा में रखकर जला दी। इसकी सूचना मिली तो काफी समझाने की कोशिश की। लेकिन, वह बात मानने को तैयार नहीं थी। इंटर पास कराने के बाद जान-पहचान के लड़के से शादी कराने की बात कहते हुए कही कि दामाद उसे ग्रेजुएट कराया। इसके बाद उसे पुलिस में भर्ती होने के लिए फार्म भराया। लेकिन, उनकी पुत्री ठीक से नहीं रहती थी। मृतका का पति अरुण चट्टी चौक पर टीवी की दुकान और बिस्कुट की बेकरी चलाता है। जब पुलिस पहुंची तो शव बिस्तर पर पड़ा था। गले में रस्सी का निशान मिला। इसके अलावा हाथ में खरोंच का निशान पाया गया। थानाध्यक्ष आरएन ¨सह ने बताया कि पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन को शव सौंप दिया गया है। पति व देवर को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की तैयारी है। दोनों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया गया है।

प्रीति के पति अरुण कुमार कर्मकार चट्टी चौक स्थित बाबूसाहेब कालोनी में लंबे दिनों से किराएदार है। उसके दो चाचा दोनार में रहते हैं। हालांकि, ये लोग मूलरूप से पश्चिम बंगाल के वाकूरा जिले के मौलियान गांव के रहने वाले हैं। घटना से कुछ दिन पहले मृतका के सास-ससुर अपने गांव चले गए। जब इस संदर्भ में जानकारी ली गई तो मृतका के देवर विजय ने बताया उसके माता-पिता उनके लिए लड़की देखने गए हैं। उन लोगों के जाने के बाद घर में मृतका के पति, देवर व उसके तीन बच्चे रहते

मृतका प्रीति कुमारी का मायका मुंगेर जिले के बरियारपुर गांव में है। लेकिन, वह अपने माता-पिता के साथ लहेरियासराय पुलिस लाइन के पास रहती थी। यहीं उसका बचपन बिता और शादी हुई। उसके पिता स्व. शैलेंद्र शर्मा सेना से सेवानिवृत्त थे। पास में अरुण का परिवार रहता था। स्वजातीय होने से दोनों परिवार में बेहतर संबंध था। इस कारण वर्ष 2010 में शादी हुई। कुछ दिनों बाद प्रीति के पिता का देहांत हो गया। उसकी मां सुनीता देवी सहित अन्य लोग यहां से गांव चले गए।

घटना की जानकारी मिलते ही मृतका की मां परेशान हो गई। वह अपने भतीजा के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए मुंगेर आई। लेकिन, ट्रेन नहीं मिलने के कारण वह अपने भतीजा के साथ बाइक से दरभंगा के लिए कूच कर गई। लेकिन, समस्तीपुर के पास बाइक के पलटने से दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। बावजूद, दोनों पहुंचने में कामयाब रहे। त्र कृष्णा (3) एवं देव्यांश (1.6) अपनी मम्मी के शरीर को झकझोर कर उठाने की कोशिश कर रहे थे। उसे क्या पता था कि ये अब कभी नहीं उठेगी। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए उठाकर ले गई और पापा-चाचा को गिरफ्तार कर लिया तो सभी बच्चे चिल्लाने लगे। सभी आपस लिपट कर बिस्तर पर एक दूसरे से चिपक कर सो गए। पुलिस को दया आ गई और उसके नानी व बच्चे को थाने लाकर पापा-चाचा के इर्द-गिर्द रख दिया।

Posted By: Jagran

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