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दरभंगा में डेढ़ साल बाद भी अधूरा शिव सर्किट, अहल्यास्थान और बेनीपुर के पर्यटन स्थल विकास की राह में

Published: Sun, 27 Sep 2026 12:12 PM (IST)

दरभंगा में पर्यटन विभाग की शिव सर्किट योजना का पहला चरण डेढ़ साल बाद भी अधूरा है, जिससे कुशेश्वरस्थान मंदिर ...और पढ़ें

कुशेश्वरस्थान के शिव मंदिर एवं निर्माणाधीन विवाह भवन।  जागरण

कुशेश्वरस्थान के शिव मंदिर एवं निर्माणाधीन विवाह भवन। जागरण

HighLights

  1. कुशेश्वरस्थान शिव सर्किट योजना का पहला चरण लंबित।

  2. अहल्यास्थान में पर्यटन सुविधाओं का अभाव बरकरार।

  3. बेनीपुर के धार्मिक स्थलों को विकास की दरकार।

संवाद सहयोगी,कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। पर्यटन विभाग की शिव सर्किट योजना के प्रथम चरण में शामिल कुशेश्वरस्थान शिव मंदिर के विकास की योजनाएं डेढ़ वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।

मिथिलांचल के देवघर के रूप में प्रसिद्ध यह मंदिर अब भी उपेक्षित है। जिला प्रशासन के निर्देश पर तत्कालीन न्यास समिति अध्यक्ष सह एसडीओ उमेश कुमार भारती ने निरीक्षण कर करीब 46 करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार किया था।

इससे शिवगंगा पोखर का सौंदर्यीकरण, जलनिकासी के लिए स्लूस गेट व ड्रेनेज, मंदिर प्रांगण का सौंदर्यीकरण, चारदीवारी और प्रवेश द्वार सहित अन्य निर्माण होने हैं।

न्यास समिति के अध्यक्ष सह बिरौल एसडीओ शशांक राज ने बताया कि शिव सर्किट के तहत फिलहाल विवाह भवन का निर्माण हो रहा। अन्य योजनाओं पर मानसून के बाद काम शुरू होगा।

पर्यटन मानचित्र पर पहचान की बाट जोह रहा अहल्यास्थान

कमतौल । अहल्यास्थान ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या का उद्धार यहीं हुआ था।

वर्षभर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पर्व-त्योहारों पर भीड़ बढ़ जाती है। पर्यटन की दृष्टि से अहल्यास्थान में बेहतर संभावनाएं हैं, लेकिन पहुंचने की अच्छी सुविधा सहित अन्य व्यवस्थाएं नहीं हैं।

अहल्यास्थान से करीब तीन किलोमीटर पश्चिम महर्षि गौतम आश्रम है। यहां परिसर में स्थित सप्तकुंड में लोग स्नान और ध्यान करते हैं। अहल्यास्थान और गौतम आश्रम को एक साथ विकसित कर धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके लिए स्थलों के संरक्षण के साथ पहुंच और पर्यटक सुविधाओं पर ध्यान देना जरूरी है।

धार्मिक, प्राकृतिक और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं

बेनीपुर । बेनीपुर अनुमंडल क्षेत्र में ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के कई स्थल हैं। नवादा भगवती मंदिर, मकरमपुर बजरंगबली मंदिर, पोहदी-महिनाम भूतनाथ मंदिर, आशापुर खानकाह सहित विभिन्न धार्मिक स्थल स्थानीय आस्था के केंद्र हैं।

इन स्थानों पर सड़क, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश, शौचालय और बैठने जैसी सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। बेनीपुर के पुराने तालाब और पोखरों को स्वच्छ कर उनके किनारे हरित क्षेत्र, पैदल पथ और बैठने की व्यवस्था विकसित की जाए तो इन्हें ग्रामीण पर्यटन से जोड़ा जा सकता है।

खेत, गांव और पारंपरिक जीवनशैली भी पर्यटकों के लिए आकर्षण बन सकते हैं। दरभंगा के राज किला, श्यामा मंदिर, संग्रहालय और कुशेश्वरस्थान पक्षी अभयारण्य जैसे स्थलों के साथ बेनीपुर के धार्मिक व ग्रामीण पर्यटन स्थलों को जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित किया जा सकता है।

पूर्व विधायक सुनील चौधरी और वर्तमान विधायक प्रो. विनय चौधरी भी बेनीपुर के आस्था केंद्रों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग सरकार से कर चुके हैं।

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