'भक्षक' के लिए अभिनेता संजय मिश्रा को मिला रजत कमल, दरभंगा में खुशी की लहर
National Film Award : दरभंगा के संजय मिश्रा को फिल्म 'भक्षक' में उत्कृष्ट अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का रजत कमल सम्मान मिला है।

अभिनेता संजय मिश्रा व फुफेरी बहन का परिवार जहां वे ठहरते हैं। जागरण।
HighLights
संजय मिश्रा को 'भक्षक' के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का रजत कमल मिला।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मान दिया।
पैतृक गांव नारायणपुर (दरभंगा) में खुशी का माहौल, बिहार गौरवान्वित।
संवाद सहयोगी, मनीगाछी (दरभंगा) । हिंदी सिनेमा के सुप्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा को फिल्म भक्षक में उत्कृष्ट अभिनय के लिए 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के रजत कमल से सम्मानित किए जाने पर उनका पैतृक गांव नारायणपुर चमक गया है। ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है।
संजय मिश्रा की इस उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ ग्रामीणों और कला प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
ग्रामीण राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि संजय मिश्रा अंतिम बार वर्ष 2023 में अपने पैतृक गांव नारायणपुर आए थे। उनका पैतृक घर अब कुलदेवी मंदिर का परिसर बन चुका है।
गांव आने पर वह अपनी फुफेरी बहन चंदा मिश्रा के घर ठहरते हैं। इसके बाद राजीव मिश्रा से मिलकर लौट जाते हैं। दोनों के घर संजय मिश्रा के पैतृक घर के समीप ही हैं। उनके कुलदेवी मंदिर में पूजा-पाठ की व्यवस्था भी परिवार के लोग ही करते हैं।
राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि संजय मिश्रा के पिता स्व. शंभुनाथ मिश्रा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में कार्यरत थे। दरभंगा, पटना, वाराणसी और दिल्ली में उनका बचपन बिता। इस दौरान ही उन्हें कलाकारी करने का जुनून सवार हो गया।
केंद्रीय विद्यालय, बीएचयू कैंपस (वाराणसी) से पढ़ाई राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से अभिनय का प्रशिक्षण लिया। शुरुआती दौर में अपने छोटे किरदार से दर्शकों के दिल में विशेष जगह बना ली।
दो भाई और एक बहन में संजय के बड़े भाई का निधन हो चुका है। परिवार के अन्य सदस्य दिल्ली और पटना में रहते हैं।
संजय मिश्रा की पत्नी किरण मिश्रा और दो पुत्रियां पल मिश्रा और लम्हा मिश्रा हैं। ग्रामीणों ने कहा कि संजय मिश्रा की उपलब्धि नारायणपुर ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
उनके संघर्ष, प्रतिभा और अभिनय के प्रति समर्पण से युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बधाई दी।

अभिनय के लिए पहले भी मिल चुके हैं कई सम्मान
अभिनेता संजय मिश्रा ने अलग-अलग किरदारों में अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। उनके अभिनय को समय-समय पर कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
फिल्म ‘आंखों देखी’ के लिए उन्हें 2014 में जागरण फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। 2015 में इसी फिल्म के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला।
फिल्म ‘मसान’ में उनके अभिनय को भी पुरस्कारों में जगह मिली। 2015 में उन्हें जागरण फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला, जबकि 2016 में इसी फिल्म के लिए जी सिने अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का सम्मान मिला।
‘वध’ के लिए 2023 में उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। इसके अलावा ‘कामयाब’, ‘अनारकली आफ आरा’ और अन्य फिल्मों के लिए भी उन्हें विभिन्न पुरस्कारों में नामांकन मिले।
अब फिल्म ‘भक्षक’ के लिए उन्हें 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को गुजरात के एकता नगर में आयोजित समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
प्रमुख पुरस्कार एक नजर में
• 2014 : जागरण फिल्म फेस्टिवल : सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, आंखों देखी
• 2015 : फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड : सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, आंखों देखी
• 2015 : जागरण फिल्म फेस्टिवल : सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, मसान
• 2016 : जी सिने अवार्ड : सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, मसान
• 2023 : फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड : सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, वध
• 2026 : राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार : सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, भक्षक।
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