दरभंगा। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने गुरुवार को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में एक बैठक आयोजित कर जिला के सभी प्रखंडों में संचालित आपदा राहत केंद्र एवं प्रखंड और विल्लेज क्वारंटाइन केंद्रों में प्रदान की जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। डीएम ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों को क्वारंटाइन केंद्रों के सुगम संचालन हेतु राज्य सरकार के अद्यतन निर्देशों से अवगत कराया। कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों, छात्रों एवं अन्य लोगों का जिला में लगातार आगमन हो रहा है। सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से एवं चोरी-छिपे आने वाले प्रवासी मजदूरों को 14 दिनों तक प्रखंड मुख्यालय में क्वारंटाइन किया जाना है। क्वारंटाइन केंद्रों में सिर्फ पुरूष मजदूरों को ही रखा जाना है। कहा कि महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग एवं बीमार व्यक्तियों एवं छात्र-छात्राओं को होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा। क्वारंटाइन केंद्रों में ठहराए गए प्रवासियों को सभी जरूरी सुविधाएं प्रदान की जा रही है। ‌र्प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, थाना प्रभारी से कहा गया कि वे अपने क्षेत्राधीन सभी क्वारंटाइन केंद्रों का प्रत्येक दिन कम से कम एक बार जरूर निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था की समीक्षा करें। डीएम ने बताया कि लॉकडाउन में उद्योग-धंधे बंद हो जाने के कारण सभी राशन कार्डधारियों को एक माह का मुफ्त खाद्यान्न एवं एक-एक हजार रूपया नगद दी जा रही है। लेकिन कुछ लाभार्थी का राशन कार्ड एवं आधार में नाम मैच नही होने, राशन कार्ड का आधार से टैगिग नही होने अथवा परिवार के मुखिया का बैंक खाता नहीं रहने के कारण उक्त परिवारों को एक-एक हजार रूपये अभी तक नहीं प्राप्त हुआ है। फैल्योर ट्रांजेक्शन वाले डाटा का अभियान चलाकर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। डीएम ने सभी एसडीओ, बीडीओ और पणन पदाधिकारी को 15 मई तक अनिवार्य रूप से डाटा सत्यापन का कार्य पूरा कर सहयोग पोर्टल पर शत-प्रतिशत इंट्री कराने का निर्देश दिया है। बैठक में नगर आयुक्त घनश्याम मीणा, अपर समाहत्र्ता विभूति रंजन चौधरी, उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, प्रशिक्षु आइएएस प्रियंका रानी, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि मौजूद थे।

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क्वारंटाइन केंद्रों में आवासन की बढ़ेगी क्षमता

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से कहा गया है कि सभी क्वारंटाइन केंद्रों में प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण कराएं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद इसकी विधिवत पंजी संधारित करें। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को कहा गया कि क्वारंटाइन केंद्रों में आवासित लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और आवासन की समीक्षा करें। साथ ही सभी केंद्रों पर अधिकारियों का मोबाइल नंबर प्रदर्शित किया जाए, ताकि कोई समस्या उत्पन्न होने पर वे बता सकें। डीएम ने कहा कि कुशेश्वरस्थान, बिरौल, बहेड़ी, बहादुरपुर, केवटी आदि प्रखंडों से ज्यादा शिकायतें मिल रही है। क्वारंटाइन केन्द्रों में पीने का पानी, पर्याप्त संख्या में शौचालय उपलब्ध होनी चाहिए। शौचालय की नियमित साफ-सफाई जरूरी है, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा न रहें। कोरोना महामारी की रोकथाम को ले सरकार ने सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी लोगों को मास्क पहनने एवं साफ-सफाई के प्रति प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा सभी पंचायतों में प्रति परिवार चार-चार मास्क एवं एक साबुन मुफ्त में उपलब्ध कराया जा रहा है।

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अनुशासन तोड़ने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई

डीएम ने कहा कि क्वारंटाइन केंद्रों में प्रवासियों को सरकार द्वारा हर संभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन कतिपय क्वारंटाइन केंद्रों में आवासित प्रवासियों द्वारा शोर-शराबा करने, रसोइया एवं अन्य कर्मियों के साथ दु‌र्व्यवहार करने आदि की शिकायतें प्राप्त हो रही है। कहा कि अनुशासन तोड़ने वाले प्रवासियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरकार द्वारा घोषित 500 रूपया एवं ट्रेन टिकट का भाड़ा से भी वंचित कर दिया जाएगा। समीक्षा में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी केवटी की कार्य प्रणाली पर अप्रसन्नता व्यक्त की गई। सिविल सर्जन को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण पूछने एवं उनके वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया।

Posted By: Jagran

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