दरभंगा : विश्व साइकिल दिवस पर जिले में इस बार खुशी का माहौल है। देश और दुनिया में नाम कमाने और साइकिलिंग रेस में शामिल होने के लिए स्थानीय युवा तैयारी कर रहे हैं। इस बार साइकिल दिवस को जिले के लिए यादगार बनाया है जिले की बेटी ज्योति ने। भले ही ज्योति कुमारी साइकिल की रेस में कभी शामिल नहीं हुई। लेकिन, उसने हरियाणा के गुरुग्राम से अपने बीमार पिता को साइकिल पर बैठाकर गांव पहुंचाया। ज्योति के इस हौसले की दुनिया मुरीद है। इस जज्बे को देखकर बिहार साइकिलिग संघ और जिला साइकिलिग संघ के पदाधिकारियों ने उसे मैदान में उतारने की तैयारी में जुटे हैं।

हालांकि इससे पहलेदरभंगा के कई खिलाड़ियों ने दरभंगा से लेकर कई राज्यों में अपना परचम लहराया है। बिहार से अबतक सबसे अधिक अवार्ड रुपाली कुमारी के नाम है। उन्होंने बिहार की ओर से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में तीन बार भाग लिया है। इतना ही नहीं, नेशनल रोड साइकिल चैंपियन में मोहम्मद एजाज उल हक वर्ष 2001 में शामिल हो चुके हैं। वहीं, सुमन कुमार, मनीष सिंह, सतीश सिंह और राजेश ने भी बिहार टीम की ओर से नेशनल रोड साइकिल चैंपियनशिप में भाग ले चुके हैं। इसके अलावा कई नवोदित खिलाड़ी साइकिल रेस में शामिल होने के लिए हर दिन प्रैक्टिस में लगे हुए हैं। इसका नेतृत्व दरभंगा जिला साइकिलिग संघ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार और सचिव रजनीश कर रहे हैं। जिले में साइकिलिग रेस के खिलाड़ियों में काफी उमंग है।

Posted By: Jagran

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