दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संगीत एवं नाट्य विभाग का 37 वां स्थापना दिवस शुक्रवार को मनाया गया। कुलपति प्रो. सुरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इन आयोजनों से विभाग की गतिविधियों से, इसकी योजनाओं एवं योगदान से विश्वविद्यालय अवगत होता है। विश्वविद्यालय इस विभाग के विकास के लिए अपने स्तर पर कोई न कोई मार्ग अवश्य निकालेगा। प्रति कुलपति प्रो. जय गोपाल ने विभाग की ओर उन्मुख होते हुए कहा कि इस विभाग की ढेरों उपलब्धियां हैं जो किसी से छुपी नहीं हैं। अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. रतन कुमार चौधरी ने आरंभ के दिनों का स्मरण दिलाते हुए कहा कि विभाग की गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। यहां के शिक्षक, कर्मचारी व छात्र-छात्राएं बधाई के पात्र हैं। कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय विभाग के सदस्यों की कर्मठता की सराहना की। कार्यक्रम का आरम्भ दीप प्रज्जवलन से हुआ। इसके बाद कुलगीत की प्रस्तुति छात्र-छात्राओं द्वारा की गई। डॉ. सुनील कुमार ठाकुर लिखित पुस्तक कीर्तनिआ की रूढि़गत अवधारणाएं का विमोचन अतिथियों ने किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विभाग के छात्र-छात्राओं ने छठ गीत एवं झूमर की प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। इसके बाद नाट्य के विद्यार्थियों ने प्रहसन सदाचार का ताबीज प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में डॉ. गौरव सिक्का, डॉ. भंजन समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।संचालन विभागाध्यक्ष सह संकायाध्यक्ष प्रो. लावण्य कीर्ति सिंह काव्या ने और धन्यवाद ज्ञापन पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. पुष्पम नारायण ने किया।

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Posted By: Jagran

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