दरभंगा। डीएमसीएच में जलजमाव के बीच 130 पीजी डॉक्टरों की परीक्षा शुरू है। इसके पहले मरीज और चिकित्सक इस जलजमाव से परेशान थे। अब पीजी परीक्षार्थी जलजमाव से है। पानी से होकर ऐसे परीक्षार्थी विभिन्न विभागों में परीक्षा देने जा रहे हैं। जलजमाव में शनिवार को एनेश्थिसिया, बॉयोकेमेस्ट्री और पैथोलॉजी विभाग के पीजी डॉक्टर परेशान रहे। इन परीक्षार्थियों की यह परेशानी यहां तक ही नही थमी है, छात्रावास से निकलना और वापस लौटना इनके लिए परेशानी का सबब बन गया है। इतना ही नहीं, छत से टपकते पानी के बीच परीक्षा स्थल तक परीक्षार्थी को पहुंचना रहता है। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पीजी डॉक्टरों की परीक्षा पांच जुलाई से शुरू होगी। इसके पूर्व रेडियोलॉजी विभाग के पीजी छात्रों की परीक्षा तीन जुलाई को संपन्न हुई है। इसके अलावा पीएसएम, फर्माकॉलोजी विभाग समेत अन्य पीजी डॉक्टरों की परीक्षा शुरू होगी। इधर, अस्पताल रोड की सड़कों पर पानी की तेज धार है। विभागों के परिसर में घुटने के ऊपर तक पानी है। महिला एमबीबीएस ओल्ड छात्रावास के आंगन में पानी भरा है। ओपीडी में बीती रात से सूबह तक पानी घुसा था। पा्रचार्य के प्राशासनिक भवन में फ्लोर में पानी चला गया है। डॉयट विभाग में पानी घुस गया था। हालांकि, विभाग से पानी निकल गया है। इसमें सबसे अधिक पानी मेडिसीन विभाग के परिसर में हैं। यहीं स्थिति रेडियोलॉजी समेत अन्य विभागों की है। इसके पहले इस जलजमाव में कई दिनों से मरीज होकर वार्ड में जा रहे है। अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे कराने के लिए लोग मरीज को कंधे पर लादकर ले जाते है।

--------------------------------------

क्या कहता है डीएमसीएच प्रशासन :

प्राचार्य डॉ. एचएन झा और अधीक्षक डॉ. आरआर प्रसाद बताते है कि जलजमाव के लिए कई बार संबंधिति विभागों के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021