दरभंगा। बिहार राज्य पारामेडिकल छात्र संघर्ष समिति डीएमसीएच शाखा के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को प्राचार्य कार्यालय में तालाबंदी की और अनिश्चितकालीन उपवास पर चले गए। प्राचार्य कार्यालय में तालाबंदी से दरभंगा मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक कामकाज बाधित रहा। वहीं प्राचार्य कक्ष में एमसीआइ मॉक टीम के सदस्य भी कैद हो गए। बाद में मॉक टीम के सदस्यों को लेकर प्राचार्य मेडिकल एजुकेशन यूनिट में शिफ्ट हुए। आंदोलन के पहले दिन छात्र छात्राओं ने सुबह 9.45 बजे ही प्राचार्य कार्यालय के गेट को जाम कर दिया। पहले से पहुंची मॉक टीम के तीन सदस्य प्राचार्य के साथ उनके कक्ष में ही कैद हो गए। मेन गेट से आने वाले डॉक्टर और छात्र भी बैरंग लौट गए। पैथोलॉजी विभाग में जांच कराने आए दूरदराज के मरीज परिसर में बैठकर इंतजार करने लगे। कई विभागों के ताले तय समय पर नहीं खुले। आधा दर्जन से अधिक कर्मी धरना स्थल के पास मंडराने लगे। प्राचार्य के निर्देश पर कर्मियों को दूसरे गेट से आने को कहा गया। लेकिन, उस गेट पर भी धरनार्थियों के जाम से कर्मियों को अंदर जाने में परेशानी होने लगी। बाद में प्राचार्य के आश्वासन पर कर्मियों को आवश्यक संचिका ले जाने के लिए छात्रों को राजी किया गया। छात्रों की मांगों में एकेडमिक कैलेंडर लागू करने, छात्रवास, छात्रवृत्ति एवं पारामेडिकल बैचलर डिग्री की पढ़ाई शुरू करने आदि शामिल है। मौके पर छात्र संघर्ष समिति के सुरेंद्र कुमार सुमन, पवन, पंकज, सुमंत, कार्तिक, अरुण, श्रवण, दुर्गानंद, मधु, निशा, चंदा, श्वेता, सुष्मिता आदि उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. एचएन झा ने बताया कि उनकी मांगों से संबंधित पत्र सरकार को भेज दिया गया है।

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