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पढ़ाई के साथ खेल में भी बनाएंगे पहचान, दरभंगा के स्कूली बच्चों को मिलेगा आगे बढ़ने का मौका

Published: Tue, 20 Oct 2026 09:05 PM (IST)

दरभंगा के जाले प्रखंड में 'मशाल कार्यक्रम' सरकारी स्कूलों के बच्चों में खेल प्रतिभा को बढ़ावा दे रहा है। यह ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. जाले प्रखंड में 'मशाल कार्यक्रम' का शुभारंभ।

  2. सरकारी स्कूलों के बच्चों की खेल प्रतिभा को बढ़ावा।

  3. कबड्डी, फुटबॉल, दौड़ सहित कई खेल प्रतियोगिताएं होंगी।

संवाद सहयोगी, जाले (दरभंगा)। गांव की गलियों में दौड़ने वाले कदम अब प्रतियोगिता के मैदान में अपनी रफ्तार दिखाएंगे। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा को अब संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना पड़ेगा।

दरभंगा के जाले प्रखंड में मशाल कार्यक्रम के तहत ग्रामीण प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देने की पहल की जा रही है। इसके तहत बच्चों को कबड्डी, फुटबाल, साइकिलिंग, लंबी कूद और दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।

विद्यालय स्तर से शुरू होकर प्रखंड स्तर तक पहुंचने वाली यह प्रतियोगिता ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का नया रास्ता खोल सकती है।

25 अक्टूबर तक करा सकेंगे पंजीकरण

मशाल कार्यक्रम के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र-छात्राएं 25 अक्टूबर तक पंजीकरण करा सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की खेल प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें अपनी क्षमता साबित करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराना है।

कबड्डी से दौड़ तक दिखेगा दम

कार्यक्रम के तहत बच्चों को विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इनमें कबड्डी, फुटबाल, साइकिलिंग, लंबी कूद और 100 तथा 800 मीटर दौड़ शामिल हैं। इन गतिविधियों से बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।

स्कूल से प्रखंड स्तर तक मुकाबला

मध्य विद्यालय के शिक्षक विक्रमादित्य झा एवं कुमार राघव ने बताया कि प्रतियोगिताएं चरणबद्ध तरीके से आयोजित की जाएंगी। सबसे पहले विद्यालय स्तर पर मुकाबले होंगे। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों और विजेता टीमों को संकुल संसाधन केंद्र (सीआरसी) स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सफल प्रतिभागी प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे।

गांव की प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चे खेलकूद में अच्छी क्षमता रखते हैं, लेकिन उचित अवसर और संसाधनों की कमी के कारण उनकी प्रतिभा सामने नहीं आ पाती। मशाल कार्यक्रम ऐसे विद्यार्थियों को अपनी योग्यता दिखाने का मौका दे सकता है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से बेहतर खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

खेल से निखरेगा आत्मविश्वास

शिक्षकों के अनुसार, इस पहल से बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। खेल गतिविधियों से उनमें नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामूहिक रूप से काम करने की समझ विकसित होगी।

विद्यालय से प्रखंड स्तर तक होने वाली प्रतियोगिताएं बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा निखारने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का अवसर बनेंगी।

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