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दरभंगा में तटबंध पर झोपड़ी-दुकान और दौड़ रहे भारी वाहन, टूट गया बांध तो 9 प्रखंडों में मचेगी तबाही

Published: Wed, 15 Jul 2026 07:30 PM (IST)

करेह नदी के तटबंध पर अतिक्रमण और भारी वाहनों के परिचालन से बांध क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे बरसात में ...और पढ़ें

करेह नदी के तटबंध पर अतिक्रमण।

करेह नदी के तटबंध पर अतिक्रमण।

HighLights

  1. करेह नदी तटबंध पर अतिक्रमण और वाहनों से क्षति।

  2. बरसात में बांध टूटने से 9 प्रखंडों में बाढ़ का खतरा।

  3. अतिक्रमण हटाने और वाहनों पर रोक की मांग।

संवाद सहयोगी, बहेड़ी (दरभंगा) । करेह नदी के बाएं तटबंध सिरनियां-सिरसिया के अतिक्रमण एवं इस पर दिन-रात सैकड़ों ट्रैक्टर व अन्य वाहनों के परिचालन से क्षतिग्रस्त हो गया है।

समय रहते प्रशासनिक पदाधिकारी व बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण बरसात के समय बांध टूटने की आशंका बनी हुई है।  

बता दें कि उक्त बांध के किसी एक स्थान पर टूटने से बहेड़ी, हायाघाट, बहादुरपुर, बेनीपुर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान , कुशेश्वरस्थान पूर्वी , समस्तीपुर जिला के शिवाजीनगर व सिंधिया प्रखंड की भारी आबादी बाढ़ की चपेट में आ सकती है। जिससे भारी जानमाल के नुकसान होने की आशंका है।

इसके बावजूद इस तटबंध के उचित रख-रखाव व देखभाल को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। लक्ष्मीपुर, आधारपुर, रूपौलिया, खंगरैठा, कोठरा, बघबा , बरछिया, पड़ोरिया व साधोपुर के लोगों ने 15 किलोमीटर लंबे तटबंध के किनारे दर्जनों जगहों पर झोपड़ियां, भुसकार व दुकानें बना ली है।

साथ ही लोगों द्वारा जलावन, कूड़ा, कर्कट रख कर,मवेशी का बथान, सब्जी का मचान बनाकर व सब्जी रोपकर तटबंध को अतिक्रमित एवं क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

वहीं चूहों द्वारा व्यापक पैमाने पर बांध में बिल बना लिया गया है। चूहों के बिल के कारण बरसात के समय नदी में अधिक पानी आने पर रिसाव होने लगता है, जो बांध के टूटने का कारण बन सकता है।

प्रतिदिन सैकड़ों बालू लोडेड ट्रैक्टर व अन्य भारी वाहनों के परिचालन से तटबंध की स्थिति कमजोर हो रही है।इसको लेकर प्रदीप कुमार चौधरी, अशोक कुमार यादव, सोहन कुमार मांझी, सदन झा ने जगह-जगह बांध पर ट्रैक्टर कट बनने से बांध की ऊंचाई व चौड़ाई घटने पर चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने बांध के जर्जर होने से बचाने के लिए इस बांध को अतिक्रमण मुक्त कर झोपड़ी, दुकान, बथान, मचान आदि को हटाकर चूहा, गीदड़ के बिल में मिट्टी भरने का आग्रह बाढ़ नियंत्रण के वरीय अभियंताओं से की है।

बांध से अतिक्रमण हटाने और वाहन परिचालन रोकने के लिए अंचलाधिकारी एवं थाने को आवेदन दिया गया है। उम्मीद है जल्द अपेक्षित कार्रवाई होगी।

--संदीप कुमार महतो, कनीय अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल।