दरभंगा में 47 घंटे से अधिक समय तक चली मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा, आधा KM की दूरी तय करने में लगे 2 दिन
जाले में मां जलेश्वरी दुर्गा मंदिर की प्रतिमा विसर्जन यात्रा ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसमें आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में 47 घंटे 40 मिनट लगे।

मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा
HighLights
जाले में मां दुर्गा विसर्जन यात्रा ने तोड़ा रिकॉर्ड।
आधा किलोमीटर दूरी तय करने में लगे 47 घंटे।
हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास से दी विदाई।
संवाद सहयोगी, जाले। आस्था, भक्ति और मां के प्रति अटूट श्रद्धा का अद्भुत संगम शुक्रवार को जाले में देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं पौराणिक सिद्धपीठ मां जलेश्वरी दुर्गा मंदिर की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा ने पिछले वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
बुधवार दोपहर 3:30 बजे मंदिर परिसर से निकली प्रतिमा का शुक्रवार शाम 7:10 बजे स्थानीय सुखाई पोखर में विसर्जन किया गया। इस तरह विसर्जन यात्रा करीब 47 घंटे 40 मिनट तक चली। मां की विदाई के समय श्रद्धालुओं की आंखें नम थीं और पूरा वातावरण ‘जय माता दी’ के जयकारों से गूंजता रहा।
आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में दो दिन लगे
महज आधा किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब दो दिन लगना इस विसर्जन यात्रा की खासियत रही। प्रतिमा के साथ चल रहे चलंत मेले में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं और युवतियां छह अलग-अलग टोलियों में बंटकर मां के समक्ष लगातार झिझिया नृत्य करती रहीं।
वहीं, प्रतिमा वाहन के पीछे चल रहे युवाओं की टोली ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर बज रहे भक्ति गीतों की धुन पर नाचते-गाते आगे बढ़ती रही। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा।
जगह-जगह श्रद्धालुओं की सेवा
विसर्जन मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी, लंगर और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। यात्रा की लंबी अवधि को देखते हुए पुलिस प्रशासन की टीम भी लगातार साथ चलती रही, ताकि भीड़ के बीच व्यवस्था बनी रहे और विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
बता दें कि कि पिछले वर्ष मां की प्रतिमा का विसर्जन करीब 42 घंटे में हुआ था। उस समय प्रतिमा को लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ी थी। इस वर्ष दूरी घटकर करीब आधा किलोमीटर रह गई, लेकिन विसर्जन यात्रा की अवधि बढ़कर 47 घंटे 40 मिनट हो गई। इस तरह पिछले वर्ष का समय पीछे छूट गया।
अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ विदाई
प्रतिमा विसर्जन के साथ ही श्रद्धालुओं ने मां से अगले वर्ष फिर आने की कामना की। पूजा समिति के अध्यक्ष रतन मेहता और सचिव देवनारायण मेहता उर्फ देवू ने विसर्जन शांतिपूर्ण एवं निर्विघ्न संपन्न होने पर मां के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
उन्होंने श्रद्धालुओं, सहयोगियों और पुलिस-प्रशासन के प्रति आभार जताया। मां की विदाई के साथ ही जयकारों से गूंजता वातावरण भावुक हो उठा और श्रद्धालु अगले वर्ष मां के पुनः आगमन की प्रतीक्षा करने लगे।
यह भी पढ़ें- दरभंगा आने वाली दिल्ली की स्पाइसजेट फ्लाइट रद, अकासा और इंडिगो के विमान समय से पहले उतरे
