दरभंगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं का घोर अभाव है। इससे लोगों में काफी आक्रोश है। कहने को तो यह प्राथमिक से सामुदायिक अस्पताल हो गया है। लेकिन, यहां रोगियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। दो साल पहले इस अस्पताल को उत्क्रमित किया गया। बावजूद, सुविधाएं व समस्याएं यथावत है। तीन करोड़ की राशि से भवन का निर्माण कराया गया। बाहर ये यह देखने में बेहतर जरूर लगता है। लेकिन, अंदर की स्थिति कुछ और है। यहां एक्सरे मशीन, खून-पैशाब आदि की जांच सहित अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था नहीं है। संबंधित जांच के लिए कोई मशीन भी नहीं है। ऐसी स्थिति में रोगियों को बाजार का सहारा लेना पड़ता है। बाजार से जांच कराने पर संबंधित दलालों को कमीशन मिलता है।इसमें रोगियों का इलाज कम शोषण अधिक होता है। कई मरीजों को मानक से अधिक खर्च कर जांच करवाना पड़ता है। चिकित्सक के रहते हुए भी मरीज को इलाज के लिए डीएमसीएच भेज दिया जाता है। इस अस्पताल में कहने को आधा दर्जन चिकित्सक है। लेकिन, नियमत: मात्र चिकित्सक डॉ. बीपी द्विवेदी तैनात है। जबकि, शेष प्रतिनियुक्ति पर हैं।

जागरण की टीम ने जब अस्पताल का मुआयना किया तो पता चला कि कई मरीजों को आहार नहीं मिल रहा है। प्रसव कराने आई बबीता देवी भूख से परेशान थी। बिना चादर वाली बेड पर अपने बच्चे को लेकर लेटी प्रसुता आने-जाने वाले लोगों को गौर से देख रही थी। शायद कोई उसे खाना लाकर दें, इस आशय में वह टकटकी लगा लेटी थी। लेकिन, तीन दिन के बाद भी उसे भोजन अथवा कोई आहार नहीं दिया गया। पूछताछ दौरान मरीज बबीता देवी ने बताया कि अस्पताल में मरीज को आहार मिलता है। लेकिन, अब तक उसे कुछ नहीं मिला। शुक्रवार की शाम वह यहां भर्ती हुई थी।। जीने के वह वह बाजार पर आश्रित है। खाने-पीने का सारा सामान बाजार से लाना होता है।

अस्पताल में बुनायादी सुविधाओं की घोर कमी है। जबकि, यहां मरीजों की संख्या बेहतर स्थिति में है। प्रसव कक्ष के अगल-बगल में शौचालय की कोई सुविधा नहीं है। पीड़ित रोगी 50 मीटर की दूरी तय कर शौचालय जाने को मजबूर हैं। कई रोगियों ने अविलंब शौचालय निर्माण कराने कि मांग की। बताया गया कि दो वर्ष पहले रोगी कल्याण समिति की बैठक हुई । उसके बाद कोई बैठक नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। अस्पताल प्रभारी से स्थानीय स्तर पर बैठक कराने की मांग की गई है।

परिजन पप्पू ¨सह ने कहा कि बेहतर इलाज के लिए रोगी कल्याण समिति की बैठक अनिवार्य रूप से होना चाहिए। इससे समस्याओं का निदान ही नहीं होगा बल्कि, रोगियों का ख्याल भी रहेगा।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस