दरभंगा। जो उपजाए अन्न, वो क्यों न हो संपन्न अभियान के नारे के साथ प्रखंड के कंसी गांव में दैनिक जागरण की ओर से शनिवार को किसान कार्यशाला आयोजित की गई। पूर्व मुखिया डॉ. पवन कुमार चौधरी की अध्यक्षता और संचालन में कार्यशाला का उदघाटन मुखिया उषा देवी, किसान सलाहाकार पंकज कुमार, संजीव प्रताप ¨सह, भाजपा नेता सुनील साह, राजकुमार साह, जितेंद्र पासवान आदि ने संयुक्त रूप से किया। पूर्व मुखिया चौधरी ने कहा कि किसानों की सबसे बड़ी समस्याएं ¨सचाई की है। इससे निपटने के लिए सरकार मुख्यमंत्री नलकूप शताब्दी योजना चला रही है। इस योजना के चलने से किसानों को सरकारी नलकूप के भरोसे रहने की जरूरत नहीं है। अनुदानित दर पर किसान अपने खेतों में नलकूप लगा सकते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को भटकने की आवश्कता नहीं है। किसान आवेदन देंगे और वे स्वीकृत कराने का काम करेंगे। इसके बाद किसानों को सरलता के साथ योजना का लाभ मिल जाएगा। उन्होंने किसानों को भी जागरूक होने की अपील की। कहा कि किसानों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चल रही है। जरूरत है ईमानदारी से पहल करने की। किसान जब समृद्ध होंगे तो आमदनी स्वत: दोगुणी हो जाएगी। मुखिया उषा देवी ने कहा कि जागरण ने महाअभियान चलाकर एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह समाचार पत्र ही नहीं बल्कि, किसानों का भी मित्र है। कहा कि किसानों के उत्थान के लिए सभी को दलगत भाव से ऊपर उठना होगा। तब ही किसानों की समस्या दूर होगी। वहीं भाजपा नेता सुनील साह ने कहा कि

2022 में किसानों की आमदनी दोगुणी करने का लक्ष्य सरकार ने लिया है। ऐसी स्थिति में हम लोगों का फर्ज बनता है कि किसान को जागरूक करें। उन्होंने रासायनिक और हाइब्रिड बीज को पर्यावरण के लिए घातक बताया। भाजपा नेता राजकुमार साह ने कहा कि जागरण की यह पहल अनूठा है। जो काम सरकार को करना चाहिए वह काम जागरण कर रही है। किसानों की आवाज उठाकर मिसाल पेश की है। कहा कि सिस्टम में गड़बड़ी रहने के कारण फसल क्षति और डीजल अनुदान के दर्जनों लाभुकों को लाभ नहीं मिल पाया है। जितेंद्र पासवान ने किसानों से रासायनिक खाद से खेती करने से मना किया। साथ ही वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने का बल दिया। कहा कि धान, गेहूं, दलहन व तेलहन फसल अगर किसान अदल-बदल कर लगाए तो आमदनी दोगुणी नहीं बल्कि, चौगुणी होगी। पूर्व पंचायत समिति सदस्य कमलेश चौधरी ने किसान के लिए अनुदानित दर पर कृषि यंत्र, बो¨रग, खाद व बीज उपलब्ध कराने पर बल दिया। कहा कि जो किसान सजग हैं वह लाभकारी योजना की लाभ उठा रहे हैं। लेकिन, गरीब किसान लाभ लेने से पीछे हैं। कृषि रोड मैप को धरातल पर लाने की आवश्यकता बताई। खूबलाल पासवान ने कहा कि

खेती के बाद बीज उपलब्ध होने से किसानों को कोई लाभ नहीं मिलता है। कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को जगना होगा। वहीं मुस्तफा कमाल ने कहा कि कहा कि हर गांव में मिट्टी जांच प्रयोगशाला हो ताकि, किसान जरूरत के अनुरूप खेतों में संबंधित तत्व ही डाल पाए। किसान सलाहाकार आदि को मिट्टी जांच कराने का दायित्व देने की मांग की।

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Posted By: Jagran

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