दरभंगा के DMCH में शर्मनाक तस्वीर, ट्राॅली नहीं मिली तो मरीज को जमीन पर घसीटकर ले गए गार्ड
अस्पताल में ट्रॉली न मिलने पर सुरक्षा गार्ड ने एक अज्ञात मरीज को जमीन पर घसीटकर ट्रायल एरिया तक पहुंचाया, जिससे मानवीय संवेदना और अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे।

दरभंगा के डीएमसीएच में मरीज को घसीटकर ले जाते गार्ड। जागरण
HighLights
डीएमसीएच में मरीज को जमीन पर घसीटा गया।
ट्रॉली न मिलने पर सुरक्षा गार्ड ने किया ऐसा।
अधीक्षक ने घटना को गंभीरता से लिया, जांच के आदेश।
संवाद सहयोगी, दरभंगा। डीएमसीएच में शुक्रवार को एक अज्ञात मरीज के साथ ऐसा व्यवहार सामने आया जिसने अस्पताल की व्यवस्था और मानवीय संवेदना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
करीब 35 वर्षीय अज्ञात युवक पिछले तीन दिनों से इलाज के लिए अस्पताल परिसर में भटक रहा था। उसकी मदद के लिए बाहर से आए कुछ लोगों ने अपने स्तर से रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पैसा देकर उसका पुर्जा बनवाया। इसके बाद भी मरीज को समुचित इलाज और सहारा नहीं मिल सका।
बताया जाता है कि शुक्रवार को अज्ञात मरीज इलाज के लिए इमरजेंसी के चार नंबर कमरे में पहुंचा। ड्यूटी पर तैनात पीजी चिकित्सक ने मरीज की स्थिति देखते हुए उसे ट्रायल एरिया में ले जाने को कहा। इसके बाद मरीज को वहां ले जाने के लिए ट्राॅली की जरूरत थी।
लेकिन, काफी देर तक ट्राॅली मैन के नहीं पहुंचने पर वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड ने मरीज को हाथ पकड़कर जमीन पर घसीटते हुए ट्रायल एरिया तक पहुंचाया। मरीज को इस तरह जमीन पर घसीटकर ले जाने का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।
गंभीर हालत में इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना था कि अस्पताल में मरीजों को स्ट्रेचर और ट्राॅली जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है।
इसके बावजूद किसी मरीज को जमीन पर घसीटकर ले जाना बेहद अमानवीय है। जबकि, अस्पताल में अज्ञात मरीजों के लिए अलग से व्यवस्था किए जाने का प्रविधान है।
ऐसे मरीजों को सुरक्षित रखने के साथ उनके लिए कपड़े, भोजन और इलाज की व्यवस्था की जानी है। लेकिन, डीएमसीएच में इस व्यवस्था का प्रभावी संचालन नहीं होने की बात सामने आती रही है।
शुक्रवार की घटना ने एक बार फिर अज्ञात मरीजों की देखभाल को लेकर अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। अधीक्षक डा.. जगदीश चंद्र ने इसे गंभीरता से लिया।
उन्होंने कहा कि मरीज को जमीन पर घसीटकर ले जाना बहुत गलत है। अस्पताल में ट्राली उपलब्ध है। फिर भी ऐसा क्यों हुआ इसकी जानकारी ली जाएगी। इस संबंध में अस्पताल मैनेजर से बात करने के साथ ही अन्य संबंधित लोगों से भी जानकारी ली जाएगी।
