दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्याल के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित बीएड नियमित कोर्स में फिर से सौ सीटों की स्वीकृति मिल गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ( एनसीटीई) की पूर्व क्षेत्रीय समिति (ईआरसी) भुवनेश्वर ने दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित बीएड .(नियमित) की 100 सीटों की स्वीकृति फिर से दे दी है। बता दें कि ईआरसी ने अगस्त 2019 के अपने आदेश में सत्र- 2020-2022 में सौ से सीटों को घटाकर 50 कर दिया था। आदेश में कहा गया था कि दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में एनसीटीई रेगुलेशन-2014 के अनुसार शिक्षक नहीं है। आदेश के विरुद्ध निदेशालय ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) नई दिल्ली में अपील की। जिसे दिसंबर 2019 में निरस्त कर दिया। निदेशालय ने मई 2020 में एनसीटीई में दोबारा अपील की एवं शिक्षकों की पूर्ण सूची समर्पित की। अक्टूबर 2020 में एनसीटीई ने इस अपील को यह कहते हुए निरस्त कर दिया था कि एनसीटीई में दोबारा अपील का प्रावधान नहीं है। लनामिवि के कुलपति प्रो. सुरेन्द्र प्रताप सिंह ने मामले को लेकर पटना उच्च न्यायालय में तुरंत याचिका दायर करने का आदेश दिया था। कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद, निदेशक प्रो. अशोक कुमार मेहता एवं अध्यक्ष बीएड .(नियमित) डॉ. अरविद कुमार ने पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसपर उच्च न्यायालय ने 22 दिसंबर 2020 को बीएड .(नियमित) में 100 सीटों पर नामांकन की अनुमति दी। कोर्ट ने एनसीटीई-ईआरसी को निदेशालय द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का सम्यक निरीक्षण कर उचित निर्णय लेने को कहा था। इसपर ईआरसी- एनसीटीई ने 29 जनवरी 2021 को अपनी 288 वीं बैठक में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित बीएड .(नियमित) की सीटें सौ सीटों को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है। -

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