विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दरभंगा के आदित्य ने बढ़ाया बिहार का मान, इसरो में बने वैज्ञानिक, गांव में जश्न

Published: Sat, 04 Jul 2026 11:53 PM (IST)

दरभंगा के भरवाड़ा निवासी आदित्य राज आनंद का चयन इसरो के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु में वैज्ञानिक के पद ...और पढ़ें

भरवाड़ा नगर पंचायत निवासी आदित्य राज आनंद ।

 भरवाड़ा नगर पंचायत निवासी आदित्य राज आनंद ।

HighLights

  1. आदित्य राज आनंद का इसरो में वैज्ञानिक पद पर चयन।

  2. भरवाड़ा, दरभंगा के निवासी, आईआईएसटी से बीटेक।

  3. देश सेवा को प्राथमिकता, युवाओं को प्रेरणा दी।

संवाद सहयोगी, सिंहवाड़ा (दरभंगा)। सिंहवाड़ा प्रखंड के भरवाड़ा नगर पंचायत निवासी आदित्य राज आनंद का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के यूआर राव सैटेलाइट सेंटर, बेंगलुरु में एससी विज्ञानी (साइंटिस्ट) के पद पर हुआ है।

आदित्य के घर बधाई देने वालों का लगा तांता

चयन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। आदित्य की इस उपलब्धि पर उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

आदित्य स्वर्णकार समाज से आते हैं। उनके पिता उमेश कुमार ठाकुर स्वरोजगार से जुड़े हैं, जबकि माता रूपा ठाकुर गृहिणी हैं। उनकी बहन संस्कृति ठाकुर नीट की तैयारी कर रही हैं।

छोटे भाई युवराज प्रेम 12वीं कक्षा के छात्र हैं। स्वजन ने बताया कि आदित्य ने गांव में रहकर ही सीबीएसई से 10 वीं एवं 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइएसटी), तिरुवनंतपुरम से बीटेक की डिग्री हासिल की। बचपन से ही वे पढ़ाई में मेधावी रहे हैं।

देश के लिए सार्थक योगदान देने का अवसर

अपनी सफलता पर आदित्य ने कहा कि उनके लिए करियर केवल अच्छी आय का माध्यम नहीं, बल्कि देश के लिए सार्थक योगदान देने का अवसर है। इसी सोच के साथ उन्होंने कारपोरेट क्षेत्र के बजाय इसरो में वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि इसरो से जुड़ना उनके लिए केवल नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का महत्वपूर्ण दायित्व और आजीवन सीखने का अवसर है । युवाओं को संदेश देते हुए आदित्य ने कहा कि सपने बड़े रखें, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत और धैर्य भी उतना ही बड़ा होना चाहिए ।

सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि लगातार किए गए छोटे-छोटे प्रयासों का परिणाम होती है । उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास के लिए करने का आह्वान किया।