विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दरभंगा में किसानों की जमीन बचाएं, पुराने रूट पर ही बने सकरी-हसनपुर रेल लाइन

Published: Tue, 25 Aug 2026 04:50 PM (IST)

कुशेश्वरस्थान में सकरी-हसनपुर रेल परियोजना को पुराने निर्धारित रूट पर ही पूरा करने की मांग को लेकर बैठक हुई। सामाजिक ...और पढ़ें

बैठक में शामिल समाजिक कार्यकर्ता व अन्य। सौजन्य से कार्यकर्ता।

बैठक में शामिल समाजिक कार्यकर्ता व अन्य। सौजन्य से कार्यकर्ता।

संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। वर्षों से अधर में लटकी सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के हरनगर से कुशेश्वरस्थान होते हुए हसनपुर तक पुराने निर्धारित रूट पर ही रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं, किसानों एवं जनप्रतिनिधियों की बैठक बेर चौक पर हुई।

अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता शंकर कुमार झा ने की। बैठक में हरनगर से बिथान रेलवे स्टेशन के बीच करीब 10 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने को लेकर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई।

कहा कि मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा कुशेश्वरनाथ धाम को रेल मार्ग से जोड़ने वाली सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत हरनगर से बिथान के बीच रेल लाइन निर्माण कार्य वर्षों से बंद है। जबकि सकरी से हरनगर तथा हसनपुर से बिथान तक रेल परिचालन हो रहा है।

कुशेश्वरस्थान में पक्षी विहार का हवाला देकर हरनगर-बिथान के बीच रेल लाइन निर्माण पर रोक लगाई गई थी। वर्तमान में उक्त क्षेत्र से जलजमाव समाप्त हो चुका है। किसान वहां गेहूं, मक्का और धान की खेती कर रहे हैं।

विदेशी पक्षियों का आगमन भी पूरी तरह बंद हो चुका है। पुराने रूट पर मिट्टी भराई, पुल-पुलिया सहित अधिकांश कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके बावजूद पुराने रूट को छोड़कर नए सिरे से रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की योजना बनाई जा रही है।

इससे रेल विभाग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और किसानों की खेती योग्य जमीन भी प्रभावित होगी। बैठक में सर्वसम्मति से पुराने निर्धारित रूट पर ही रेल लाइन निर्माण शुरू कराने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि शीघ्र पहल नहीं होने पर चरणबद्ध तरीके से जन आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में शामिल जदयू विधायक अतिरेक कुमार को मांग पत्र सौंपकर इस दिशा में पहल करने का आग्रह किया गया। विधायक ने पुराने रूट पर रेल लाइन निर्माण शुरू कराने के लिए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।

दो बार रखी गई आधारशिला

मालूम हो कि इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना की आधारशिला तत्कालीन रेल मंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र ने 1972 में तथा स्व. रामविलास पासवान ने 1996 में रखी थी। वर्षों बाद भी परियोजना पूरी नहीं होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है।

लोगों का कहना है कि जिस परियोजना का कार्य कुछ वर्षों में पूरा होकर रेल परिचालन शुरू होना था, वह अब लटकाओ, भटकाओ और अटकाओ वाली योजना बनकर रह गई है।

बैठक में मधुकांत झा मिंटू, उप प्रमुख संतोष कुमार यादव, रामकृष्ण पाठक, किशोर पाठक, लोजपा अध्यक्ष गणेश पाठक, पुरुषोत्तम झा, शंभू शर्मा, मनोज भगत, विंदेश्वर शर्मा, कुशेश्वर मुखिया, छोटू मुखिया, मनोज यादव, लक्ष्मी मुखिया, उपेंद्र मुखिया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।

यह भी पढ़ें- बेतिया में जमीन मालिकों के लिए जरूरी अपडेट, एनएच-139डब्ल्यू का मुआवजा जल्द