दरभंगा में 23.9 करोड़ से बनी बेनीपुर मनीगाछी सड़क की केंद्रीय टीम ने की जांच, खुदाई कर परखी मोटाई
Bihar Rural Works Department: केंद्रीय गुणवत्ता एजेंसी की टीम ने दरभंगा में 23.92 करोड़ रुपये की लागत से बनी बेनीपुर-मनीगाछी ...और पढ़ें

जांच टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने बताया कि सड़क से जो सैंपल एकत्रित किए गए हैं, उनकी जांच दिल्ली की लैब में की जाएगी।
HighLights
केंद्रीय टीम ने बेनीपुर-मनीगाछी सड़क की गुणवत्ता जांची।
सड़क की खुदाई कर दिल्ली लैब के लिए सैंपल लिए गए।
निर्माण एजेंसी ने बार-बार जांच पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया।
संवाद सहयोगी, मनीगाछी (दरभंगा)। Darbhanga Road Construction: बेनीपुर से मनीगाछी को जोड़ने वाली लगभग 18 किलोमीटर लंबी नवनिर्मित सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए शनिवार को केंद्रीय गुणवत्ता एजेंसी की टीम पहुंची।
टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने सड़क की भौतिक जांच करते हुए प्रति पांच किलोमीटर की दूरी पर सड़क की खुदाई कर उसकी मोटाई (थिकनेश) की जांच की और लैब परीक्षण के लिए सैंपल संग्रहित किए।
23.92 करोड़ से तैयार हुई है सड़क
बेनीपुर को मनीगाछी प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली यह सड़क नवादा, बैंगनी, सझुआर, मैनारहिका, बाजितपुर, भंडारिसम, मकरंदा और बलौर होते हुए गुजरती है।
इस 18 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण पर 23.92 करोड़ रुपये की लागत आई है। नियमानुसार जुलाई 2024 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य को जनवरी 2026 तक पूरा होना था, लेकिन सझुआर, बाजितपुर और भंडारिसम समेत कुछ हिस्सों में कार्य अभी भी लंबित है।
मिथिला संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष डॉ. राममोहन झा के आग्रह पर राज्य के बाद अब केंद्रीय एजेंसी ने इस मार्ग की जांच की है।
दिल्ली लैब में होगी सैंपल की जांच
जांच टीम के अधिकारी जगदीश गर्ग ने बताया कि सड़क से जो सैंपल एकत्रित किए गए हैं, उनकी जांच दिल्ली की लैब में की जाएगी। इसके बाद ही सड़क की वास्तविक गुणवत्ता और मानकों के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ कहा जा सकेगा।
वहीं, जांच के दौरान मौजूद आरडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता सुनील कुमार प्रसाद ने प्रथमदृष्टया कार्य को संतोषजनक बताया है।
निरीक्षण के दौरान आरडब्ल्यूडी बेनीपुर के कार्यपालक अभियंता विवेक कुमार सोनी, जेई विनीता कुमारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि व जदयू नेता भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
यह 12वीं बार हुई है जांच
सड़क का निर्माण करने वाली एजेंसी के प्रोपराइटर सुमन कुमार झा ने बताया कि इस सड़क की अब तक कुल 12 बार जांच हो चुकी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भंडारिसम, सझुआर और बाजितपुर बाजार में कुछ हिस्सों का निर्माण कार्य पहले ही आरईओ द्वारा कराया जा चुका था, इसलिए उन जगहों को छोड़कर शेष 15.640 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा कर दिया गया है। बार-बार हो रही जांच से परेशान होकर एजेंसी ने विभाग पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप भी उठाया है।
