दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक श्रवण दास की मुश्किलें बढ़ीं, जमानत याचिका खारिज
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर की जमानत याचिका दरभंगा कोर्ट ने खारिज कर दी। ...और पढ़ें

Kathavachak Shravan Das Case: पाक्सो की विशेष न्यायाधीश की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। फाइल फोटो
HighLights
कथावाचक श्रवण दास की जमानत याचिका हुई खारिज।
नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दरभंगा जेल में।
मामले की गंभीरता देख कोर्ट ने जमानत नहीं दी।
संवाद सहयोगी, दरभंगा। POCSO Case Bihar: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 17 जनवरी से दरभंगा जेल में बंद कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर की मुश्किलें फिलहाल कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पाक्सो के विशेष न्यायाधीश प्रोतिमा परिहार की अदालत ने गुरुवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
न्यायालय में जमानत याचिका पर करीब एक घंटे तक विस्तृत सुनवाई हुई। अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता जावेद अहमद खान ने अदालत में तर्क दिया कि श्रवण दास निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है।
उन्होंने कहा कि आरोपी बचपन से ही धार्मिक कार्यों में संलग्न रहे हैं और आर्थिक दोहन के उद्देश्य से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। साथ ही, घटना के करीब एक वर्ष सात माह बाद प्राथमिकी दर्ज होने पर भी सवाल उठाया गया।

बचाव पक्ष ने पीड़िता की जन्मतिथि में कथित अंतर और मेडिकल जांच में बालिग बताए जाने की बात भी अदालत के समक्ष रखी। वहीं, वादी पक्ष के अधिवक्ता सुशील कुमार चौधरी ने अदालत में आरोपी के राजनीतिक संपर्क से जुड़े कई फोटोग्राफ प्रस्तुत करते हुए जमानत का विरोध किया।
इसके अलावा, स्पेशल पीपी विजय कुमार पराजित ने राम रहीम और आसाराम बापू प्रकरण का हवाला देते हुए आरोपी को जमानत नहीं देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसमें कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने श्रवण दास की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि मामला गंभीर प्रकृति का है और वर्तमान परिस्थिति में जमानत देना उचित नहीं होगा।
गौरतलब है कि महिला थाना कांड संख्या 182/25 में बिरौल थाना क्षेत्र के पड़री निवासी कथावाचक श्रवण दास उर्फ श्रवण ठाकुर और उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़िता की मां ने श्रवण दास पर नाबालिग बेटी से दुष्कर्म और गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाया है।
इसी मामले में पुलिस ने श्रवण दास को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं, सह आरोपी राम उदित दास अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अब श्रवण दास को जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय का रुख करना होगा। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मामला अब उच्च न्यायालय में पहुंचने की संभावना है।
