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दरभंगा में बेहतर सफर के सपने को लगा झटका, पहली बारिश में खुल गई एनएच निर्माण की हकीकत

Published: Sun, 26 Jul 2026 06:37 PM (IST)

दरभंगा में निर्माणाधीन रामनगर-रोसड़ा (एनएच-527ई) ग्रीनफील्ड सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, हल्की बारिश में ही कई ...और पढ़ें

निर्माणाधीन एनएच-527 ई ग्रीनफील्ड सड़क की गुणवत्ता पर सवाल।

निर्माणाधीन एनएच-527 ई ग्रीनफील्ड सड़क की गुणवत्ता पर सवाल।

HighLights

  1. निर्माणाधीन एनएच-527ई सड़क में हल्की बारिश से कटाव।

  2. निर्माण एजेंसी पर मानकों का पालन न करने का आरोप।

  3. मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान ने अधिकारियों को शिकायत भेजी।

संवाद सहयोगी, बहेड़ी (दरभंगा)। बिहार के दरभंगा में बहेड़ी प्रखंड के निमैठी से बघबा तक लगभग 12 किलोमीटर लंबाई में निर्माणाधीन रामनगर-रोसड़ा (एनएच-527ई) ग्रीनफील्ड सड़क के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हल्की बारिश के बाद ही सड़क के दोनों किनारों (शोल्डर) पर कई स्थानों पर कटाव एवं क्षति दिखाई देने लगी है। बघबा, चनहा, कुम्हराडीह, चकराईपुर, महेशपुर, जोरजा ,निमैठी एवं दिलावरपुर सहित कई गांवों में सड़क की पीसीसी ढलाई का कार्य पूरा हो चुका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार निर्माण एजेंसी द्वारा फ्लैंक प्रोटेक्शन, अर्थ ट, ग्रेडिंग, काम्पेक्शन, क्यूरिंग एवं हार्ड काम्पेक्शन जैसे महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किए गए। परिणामस्वरूप हल्की बारिश में ही दर्जनों स्थानों पर रेन कटिंग के कारण मिट्टी बह गई और गहरे गड्ढे बन गए।

कई जगहों पर पीसीसी के नीचे से भी मिट्टी का कटाव देखा गया है। बताते हैं कि यदि समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्य नहीं किए गए, तो सड़क के किनारों का लगातार कटाव भारी वाहनों के आवागमन के दौरान सड़क में दरारें और धंसाव जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकता है, जिससे भविष्य में सड़क की सुरक्षा और टिकाऊपन प्रभावित होने की आशंका है।

इस बीच मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार चौधरी ने निर्माणाधीन सड़क का स्थलीय निरीक्षण कर केंदीय राजमार्ग व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी,विभाग के उच्च अधिकारी, अभियंता, प्रमंडल आयुक्त एवं जिलाधिकारी का ध्यान उक्त अनियमितताओं की ओर ईमेल के माध्यम से आकृष्ट कराया है।

उन्होंने निर्माण एजेंसी से फ्लैंक प्रोटेक्शन, साइड स्लोप स्टेबिलिटी, क्यूरिंग, उचित काम्पेक्शन, साइल स्टेबिलाइजेशन तथा साइड प्रोटेक्शन जैसे कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित कराने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ताहीन बलुआही मिट्टी का उपयोग किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती एवं दीर्घकालिक गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इधर, इस संबंध में एनएच 527 ई के अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार वर्मा से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ।