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दरभंगा से भूपेंद्र यादव का बड़ा संदेश, बोले- लोकतंत्र के लिए जरूरी है SIR, बताई इसकी अहमियत

Published: Thu, 05 Nov 2026 01:07 PM (IST)

Darbhanga News : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने दरभंगा में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का आयोजन किया। इसमें केंद्रीय ...और पढ़ें

HighLights

  1. एनडीए ने दरभंगा में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू की।

  2. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव सहित कई प्रमुख नेता हुए शामिल।

  3. लहेरियासराय के पोलो मैदान से हुई पदयात्रा की शुरुआत।

जागरण संवादाता, दरभंगा । बिहार के दरभंगा में गुरुवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के जरिए अपनी बात रखी।

लहेरियासराय स्थित पोलो मैदान के धरना स्थल से शुरू हुए कार्यक्रम में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एसआइआर को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया।

उन्होंने कहा कि देश में यह प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। वर्ष 1950 से अब तक आठ बार एसआइआर हो चुका है। इस बार नौवीं बार यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

लोकतंत्र के लिए जरूरी एसआईआर

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआईआर देश के लिए है और देश के लोकतंत्र के लिए जरूरी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए इस प्रक्रिया का महत्व है। उन्होंने कहा कि एसआइआर को लेकर किसी को यह नहीं समझना चाहिए कि देश में पहली बार ऐसा हो रहा है।

इमरजेंसी का भी किया जिक्र

भूपेंद्र यादव ने कहा कि राजग के नेताओं ने इमरजेंसी के दौरान संघर्ष कर लोकतंत्र को बचाया था। लोकतंत्र की रक्षा के लिए गठबंधन हमेशा सजग रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाए रखने के लिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।

मिथिला की धरती से दिया संदेश

केंद्रीय मंत्री ने मिथिला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जगतजननी मां जानकी की धरती है। बिहार लोकतंत्र की जननी रहा है। ऐसे में इस धरती से लोकतांत्रिक मूल्यों और व्यवस्था की मजबूती का संदेश दिया जाना महत्वपूर्ण है।

मृत और दूसरी जगह गए लोगों के नाम हटाने के लिए एसआइआर

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि एसआइआर इसलिए किया जाता है, ताकि मृत या दूसरी जगह जा चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकें। कई बार एक ही व्यक्ति का नाम गांव और शहर दोनों जगह दर्ज होता है। एसआइआर के जरिए ऐसी गड़बड़ियों को ठीक किया जाता है। उन्होंने कहा कि एसआइआर का विरोध करने वाले लोग घुसपैठियों से भारत के नागरिकों को हराने में जुटे हैं।

किसी का नाम मनमाने ढंग से नहीं काटा जा सकता

भूपेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि एसआइआर में किसी का नाम नहीं काटा जा सकता है। सभी राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) होते हैं। पिछले चुनाव में पार्टियों के एक लाख 70 हजार बीएलए थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में मात्र दो ने आपत्ति दर्ज कराई। सुप्रीम कोर्ट ने जांच के बाद एसआइआर की प्रक्रिया को पूरी तरह सही बताया।

चार से बढ़ाकर 11 किए गए दस्तावेजों के विकल्प

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय एसआइआर में चार दस्तावेजों का विकल्प था। वर्तमान सरकार में इसे बढ़ाकर 11 कर दिया गया है। इनमें से कोई एक दस्तावेज दिखाकर व्यक्ति अपना नाम जुड़वा सकता है और मतदान की प्रक्रिया में भाग ले सकता है।

हार के बाद एसआइआर पर उठाए जा रहे सवाल

भूपेंद्र यादव ने कहा कि बिहार और बंगाल में चुनाव में हार मिली तो एसआइआर को गलत बताया जा रहा है। वहीं, केरल में सरकार बनी तो एसआइआर ठीक है। तमिलनाडु में भी इसे ठीक बताया जा रहा है।

एक मंच पर जुटे राजग के दिग्गज

पदयात्रा कार्यक्रम में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सांसद गोपालजी ठाकुर सहित राजग के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' के नारे के साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा के माध्यम से अपना राजनीतिक संदेश दिया।

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