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जाति व धर्म के आधार पर बंटवारा स्वीकार नहीं, कुशेश्वरस्थान पीड़ितों से मिले चिराग पासवान

By Mukesh Srivastava Edited By: Ajit kumar
Published: Sun, 15 Feb 2026 02:48 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में हरिनगर जातीय हिंसा के पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों का ...और पढ़ें

Harinagar Kand: डीएमसीएच के सर्जरी विभाग में भर्ती जख्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और घटनाक्रम की जानकारी ली। फोटो: जागरण

Harinagar Kand: डीएमसीएच के सर्जरी विभाग में भर्ती जख्मियों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और घटनाक्रम की जानकारी ली। फोटो: जागरण 

HighLights

  1. चिराग पासवान ने हरिनगर जातीय हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की।

  2. घायलों को आर्थिक सहायता और न्याय का आश्वासन दिया।

  3. जाति-धर्म के आधार पर बंटवारा अस्वीकार्य, दोषियों पर होगी कार्रवाई।

संवाद सहयोगी, जागरण, दरभंगा। Chirag Paswan Statement Bihar: कुशेश्वरस्थान प्रखंड क्षेत्र के हरीनगर में हुई जातीय हिंसा के पीड़ितों से मिलने रविवार को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान दरभंगा पहुंचे।

उन्होंने डीएमसीएच में भर्ती घायलों का हालचाल जाना, आर्थिक सहायता दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उनके साथ समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी भी मौजूद थीं।

सबसे पहले चिराग पासवान ने गंभीर रूप से घायल 13 वर्षीय बच्ची से मुलाकात की। बच्ची ने रोते हुए बताया कि कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और घर को क्षतिग्रस्त कर दिया।

मंत्री ने उसे ढांढस बंधाते हुए कहा कि स्वस्थ होने के बाद घर के पुनर्निर्माण और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल में भर्ती अन्य घायलों को भी पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में चेक सौंपे गए।

चिराग पासवान ने कहा कि उन्होंने बिहार के गृह मंत्री से इस मामले पर बात की है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई प्रशासनिक अधिकारी दोषियों को बचाने की कोशिश करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

सांसद शांभवी चौधरी और पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पीड़ितों का समुचित इलाज, सुरक्षा और सरकारी सहायता राशि शीघ्र सुनिश्चित कराई जाए।

पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर समाज को बांटने की प्रवृत्ति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और इन अधिकारों को छीनने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि सबसे जरूरी है पीड़ितों के मन से भय को दूर करना। पार्टी कार्यकर्ता उनके घर लौटने के बाद भी लगातार संपर्क में रहेंगे।

चिराग पासवान ने दोहराया कि अपराधी कितना भी रसूखदार क्यों न हो, उसे सख्त सजा मिलेगी। संविधान सबके लिए समान है और न्याय हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह घटना केवल कुशेश्वरस्थान या दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि जातीय हिंसा और भेदभाव सामाजिक सौहार्द को गंभीर क्षति पहुंचाते हैं।

इस दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से डीएमसीएच अधीक्षक डा. जगदीश चंद्र, उपाधीक्षक डा. सुरेंद्र कुमार, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष सहित अन्य चिकित्सक भी मौजूद थे।

क्या है हरिनगर कांड?

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का मामला इन दिनों चर्चा में है। विवाद की शुरुआत मजदूरी के बकाया भुगतान से हुई, जिसने बाद में हिंसक और जातीय तनाव का रूप ले लिया।

मजदूरी विवाद से शुरू हुआ मामला

इस कांड की जड़ मजदूरी के बकाया भुगतान से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि हरिनगर गांव के हेमंत झा और उनके यहां काम करने वाले विक्रम पासवान के बीच करीब ₹47 हजार से ₹2.5 लाख तक की मजदूरी को लेकर कई वर्षों से विवाद चल रहा था। 30 जनवरी 2026 को पंचायत बुलाई गई, लेकिन सहमति बनने के बजाय विवाद और बढ़ गया।

हिंसा में कई घायल

आरोप है कि 31 जनवरी को एक पक्ष के लोगों ने दलित बस्ती (पासवान टोला) पर हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 8 लोगों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।

एफआईआर और SC/ST एक्ट

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने 70 नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में SC/ST एक्ट भी लगाया गया है। सभी नामजद आरोपी एक ही समुदाय से बताए जा रहे हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

गांव में सन्नाटा, पुलिस तैनात

नामजद होने और गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकांश पुरुष घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

कानून के दुरुपयोग पर बहस

सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या SC/ST एक्ट का दुरुपयोग कर पूरे समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है और निर्दोषों को घबराने की जरूरत नहीं है।

पीड़ितों को मुआवजा

प्रशासन की ओर से अस्पताल में भर्ती 8 पीड़ित परिवारों को कुल करीब ₹6.64 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे गए हैं।